जम्मू। एआईसीसी की जम्मू कश्मीर व लद्दाख मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा कि जम्मू कश्मीर में आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में केंद्र और जम्मू कश्मीर प्रशासन पूरी तरह से विफल रहा है। सरकार को कश्मीर में 1990 के दशक की तरह बन रही स्थिति को रोकने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए। तेजी से बिगड़ रहे माहौल में आम लोग खासतौर पर अल्पसंख्यक डरे हुए हैं। पाटिल ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ पटोली निवासी स्व. दीपक चंद के आवास पर पहुंचकर शोक जताया। शिक्षक दीपक की गत दिवस श्रीनगर में आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पाटिल ने कहा कि कश्मीर में चुनिंदा और लक्षित हत्याओं को आतंकी अंजाम दे रहे हैं। घाटी के विभिन्न हिस्सों में काम करने वाले कर्मचारी विशेषरूप से अल्पसंख्यक समुदाय के कर्मी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सरकार को उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त उपाय करने चाहिए। सरकार की नीतियां लक्षित हत्या की वारदातों को रोकने में नाकाम रही हैं, जबकि केंद्र जम्मू कश्मीर में हालात सामान्य होने के दावे कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार गत दिवस हमले में मारे गए बिहारी विक्रेता के शव को पैतृक स्थान पर भेजने की व्यवस्था नहीं कर सकी, ना उनके परिवार के सदस्यों को अंतिम दर्शन और संस्कार के लिए लाया गया जो दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं के योगदान से यह व्यवस्था की गई। कश्मीर में हालात खराब करके समुदायों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश की जा रही है। सरकार को उपजे ऐसे हालात को गंभीरता से लेना चाहिए। इससे पहले पाटिल ने श्रीनगर में आतंकी हमले में मारी गई प्रिंसिपल के आवास पर जाकर दुख व्यक्त किया। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष जीए मीर, मूला राम, रमण भल्ला, रवींद्र शर्मा, योगेश साहनी, कांता भान आदि पार्टी नेता मौजूद रहे। पाटिल रविवार को बिश्नाह, मीरा साहिब में सुबह 11 बजे पार्टी कार्यकर्ताओं के अधिवेशन में रहेंगी।