राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीयू) की बैठक में विधानसभा स्पीकर को न बुलाए जाने पर स्पीकर कवींद्र गुप्ता ने कहा है कि पाकिस्तान जान बूझकर विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रहा है।
वह जिस नियमों का हवाला दे रहा है उसी के तहत वर्ष 2007 में रियासत के डिप्टी स्पीकर तथा सेक्रेटरी को इस बैठक में पाकिस्तान बुलाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्होंने कामनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन सेक्रेटिएट को पत्र लिखकर कड़ी आपत्ति जताई है।
कवींद्र की ओर से पांच अगस्त को लिखे पत्र में कहा गया गया है कि बैठक में न बुलाए जाने के पीछे जो कारण बताए गए वह अतार्किक तथा गैर संगत हैं। जम्मू कश्मीर भारत का एक राज्य है जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी मान्यता देता है।
इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर पाकिस्तान सीपीयू के आंदोलन को भटकाने की कोशिश कर रहा है। यह अनुशासनहीनता तथा तय नियमों का उल्लंघन है।
पाकिस्तान के इस रवैये से सीपीयू के बैठक स्थल को परिवर्तित किया जाना चाहिए ताकि सभी सदस्य बिना किसी भेदभाव के बैठक में शामिल हो सकें।
पाक की ओर से विदेश नीति के उल्लंघन की बात कहा जाना घोर आपत्तिजनक है। पाक के इस कृत्य का देशभर के सभी स्पीकरों ने विरोध किया है।