लेह के सियाचीन प्वाइनियर्स पर मौजूद भारतीय वायु सेना की हेलीकॉप्टर यूनिट ने लद्दाख के मारखा घाटी में खराब मौसम के कारण फंसे 22 विदेशी नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया है। इन 22 पर्यटकों में से 21 ब्रिटिश और एक फ्रेंच नागरिक है।
वायु सेना की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि पिछले पांच दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण लद्दाख क्षेत्र की सभी बड़ी नदियां सिंधु, नुब्रा, शियोक आदि खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
छह अगस्त को शाम चार बजे लेह में वायु सेना को ब्रिटिश नागरिकों के मारखा घाटी में फंसे होने और उनमें से कुछ के अस्थमा से पीड़ित होने की सूचना मिली। उनके सही लोकेशन और उनको आई चोट के बारे में संदेश स्पष्ट नहीं था।
यहां तक की नागरिक प्रशासन की ओर से उनकी मौजूदगी के बारे में दी गई जानकारी वास्तविक स्थिति से 50 नॉटिकल माइल की दूरी पर थी। इसके बाद तुरंत पर्यटकों को खोजने के लिए अभियान शुरू किया गया।
इस खोजी अभियान में कमांडिंग ऑफिसर विंग कमांडर बीएस सेहरावत के नेतृत्व में दो विमान लगाए गए। शाम 4.45 ऑपरेशन शुरू किया गया और 10 मिनट के भीतर ही पर्यटकों की मौजूदगी का पता लगा लिया गया, लेकिन उस स्थल पर हेलीकॉप्टर उतारना असंभव था और उस वक्त तक रात भी होने लगी। इसके बाद शुक्रवार सुबह फिर ऑपरेशन शुरू किया गया।