पुंछ और राजोरी की सीमा के जंगलों में छिपे आतंकियों का मददगार पकड़ा गया है। पुलिस के अनुसार यह शख्स आतंकियों और पाकिस्तान में बैठे आकाओं के संपर्क में था। चमरेड़ और भाटादूड़ियां में घात लगाकर हमला करने वाले आतंकी भाटादूड़ियां निवासी यासिर अराफात के घर पर खाना भी खा चुके हैं। पुलिस ने यासिर को गिरफ्तार कर उससे कड़ी पूछताछ शुरू कर दी है। यासिर से पूछताछ में आतंकियों से जुड़े कुछ और राज सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।
आतंकियों के संपर्क में था यासिर
पुलिस सूत्रों ने बताया कि यासिर अराफात भाटादूड़ियां का रहने वाला है। इसी क्षेत्र में आतंकियों ने 14 अक्तूबर को सैन्य टुकड़ी पर हमला कर दिया था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दो माह पूर्व यासिर के घर पर छह आतंकियों का ग्रुप आया था। उन्हें खाना खिलाया गया। यह भी बताया जा रहा है कि यासिर आतंकियों के संपर्क में था।
जिला मुस्तफा से भी यासिर के संबंध
उसके तार एलओसी के पार बैठे आतंकियों के आकाओं से भी जुड़े बताए जा रहे हैं। आतंकियों की गोलीबारी में मारे गए पाकिस्तानी आतंकी जिया मुस्तफा से भी यासिर के तार जुड़ रहे हैं। जिया मुस्तफा कोट भलवाल जेल से आतंकियों के संपर्क में था और उन्हें छिपने के ठिकानों, सुरक्षा बलों से बचने के तरीके बता रहा था।
अब तक छह गिरफ्तार, दर्जनों से पूछताछ
चमरेड़ और भाटादूड़ियां के जंगलों में सेना पर दो आतंकी हमलों को लेकर पुलिस ने अभी तक छह लोगाें को गिरफ्तार किया है। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। तीन लोगाें को नेपाल के काठमांडू से पकड़ा गया था, जो सऊदी अरब भागने की फिराक में थे। इन छह लोगों के पास आतंकियों की पूरी जानकारी थी।
दो दर्जन लोगों को लिया गया हिरासत में
प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से यह लोग आतंकी साजिश का हिस्सा बताए जा रहे हैं। वहीं, पुलिस ने शक के आधार पर राजोरी और पुंछ से दो दर्जन के करीब लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। इनमें से ज्यादातर वे लोग पाए गए हैं, जिनके यहां आतंकियों ने खाना खाया या फिर किसी तरह की मदद हासिल की। हालांकि इन लोगों को आतंकियों ने बंदूक दिखाकर डराया था। लिहाजा पुलिस ने पूछताछ के बाद ज्यादातर को छोड़ दिया है।