जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच रविवार देर रात शुरू हुई मुठभेड़ में एक दहशतगर्द मारा गया है। मारे गए आतंकी की अभी पहचान नहीं हो सकी है। इस ऑपरेशन में एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है। कश्मीर जोन की पुलिस ने बताया कि अभियान जारी है।
बता दें कि खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस आतंकियों के एक मददगार को पकड़ने गई थी। इसी दौरान छिपे हुए आतंकियों ने पुलिस की टीम पर फायरिंग करनी शुरू कर दी। जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई और आतंकी को मार गिराने में सफलता मिली। मारे गए आतंकी के पास से एक पिस्टल और ग्रेनेड बरामद हुआ है।
बांदीपोरा में मारा गया टीआरएफ आतंकी इम्तियाज अहमद डार
उधर, बांदीपोरा में गुंड जहांगीर इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर पुलिस, सेना की 13-आरआर(राष्ट्रीय राइफल्स) और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान शुरू किया था। इसी दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर गोलाबारी शुरू कर दी। कई घंटे तक चली मुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया। जिसकी पहचान इम्तियाज अहमद डार के रूप में हुई। वह टीआरएफ का आतंकी था, जोकि शाहगुंड में हुई नागरिक की हत्या में शामिल था। इसके साथ वह अन्य आतंकी हमलों में शामिल था।
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सिलेक्टिव किलिंग करने वाले आतंकियों पर बड़ी और कड़ी कार्रवाई की तैयारी
कश्मीर में सिलेक्टिव किलिंग करने वाले आतंकियों पर बड़ी और कड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रदेश सरकार से इस नई चुनौती से निपटने पर चर्चा की है। सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया एजेंसियों से कश्मीर में सक्रिय आतंकियों का ब्योरा मांगा गया है। इन आतंकियों की मदद करने वालों की धरपकड़ भी होगी। कश्मीर में मौजूद कुछ आतंकी युवाओं से पहले सिलेक्टिव किलिंग करवाकर फिर उनको अपने संगठन में शामिल कर रहे हैं। गृह मंत्रालय आतंकियों की इस नई चाल का तोड़ निकालने के लिए मंथन कर रहा है।
दरअसल, द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) लश्कर-ए-तैयबा का संगठन है। इस संगठन में सक्रिय कुछ आतंकी युवाओं को अपने साथ जोड़कर उनसे किलिंग करवा रहे हैं। युवाओं को टारगेट दिया जाता है कि उनको अपने लिए पिस्टल का इंतजाम करना है। इसके लिए उनके अकाउंट में पैसा ट्रांसफर कर दिया जाता है।
सिलेक्टिव किलिंग
जब यह लोग पैसों से पिस्टल लेकर आते हैं। फिर इनके जरिए दूसरे युवाओं को पिस्टल दी जाती है और एक टारगेट दिया जाता है। वारदात को अंजाम देने के बाद टीआरएफ उसे अपने संगठन में शामिल कर लेता है। यही कारण है कि कश्मीर में युवा आतंकियों से सिलेक्टिव किलिंग कराई जा रही है।
जानकारी के अनुसार कश्मीरी पंडित कारोबारी, गोलगप्पे बेचने वाले श्रमिक, दो शिक्षकों की हत्या के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय भी चिंतित है। लिहाजा प्रदेश के बड़े प्रशासनिक अफसरों और पुलिस अफसरों समेत खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है।