पाक गोलीबारी से घायलाें की अभी तक कोई सुध नहीं ली गई है। आज भी प्रभावित लोग अपने खर्च पर उपचार करवा रहे हैं। पाक गोलीबारी से घायल चचवाल निवासी कुलवंत सिंह का दर्द तो करीब चार साल पुराना है, जिस पर मरहम लगने का उन्हें आज भी इंतजार है।
उन्होंने कहा कि एक अक्टूबर 2012 को वह पत्नी त्रिशला के साथ खेत में काम करने निकले थे। इसी दौरान रेजराें ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें दोनाें घायल हो गए। स्थानीय युवाओं ने वहां से अस्पताल पहुंचाया था। आज भी गोली पीठ में ही है।
कुलवंत सिंह ने कहा कि न तो प्रशासन और न ही राज्य सरकार की ओर से ही कोई सुध ली गई। पुलिस विभाग में बतौर एसपीओ तैनात कुलवंत सिंह ने कहा कि पीठ के आपरेशन के लिए उनके पास राशि नहीं है।