पुंछ के भाटादूड़ियां जंगल में छुपे आतंकियों की मदद करने वाले तीन ओवर ग्राउंड वर्कर नेपाल के काठमांडू से पकड़े गए हैं। सूत्रों का कहना है कि यह तीनों ओजी वर्कर आतंकियों के साथ थे। इनके मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन से पता चला है कि मुठभेड़ के दौरान इनकी लोकेशन उसी जगह की है, जिस जगह से आतंकी फायरिंग कर रहे थे।
यही नहीं, बफलियाज के जंगल में हुई मुठभेड़ के वक्त भी यह तीनों आतंकियों के साथ थे। तीनों ने आतंकियों को पूरा रूट बताया और इन तक कई तरह का सामान भी पहुंचाया। सूत्रों का यह भी कहना है कि यह तीनों कोट भलवाल जेल से मुठभेड़ स्थल पर ले जाए गए पाकिस्तानी आतंकी जिया मुस्तफा के भी संपर्क में थे।
पकड़े गए ओजी वर्करों में मोहम्मद नूर, मोहम्मद राशिद और यासिर अराफात निवासी भाटादूड़ियां शामिल हैं। यह लोग नेपाल में पहुंच चुके थे। यहां से यह लोग सऊदी अरब भागने की फिराक में थे। सूत्रों का कहना है कि तीनों ने आतंकियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। आतंकियों को सेना की मूवमेंट की जानकारी देते रहे, जिससे आतंकी सुरक्षित स्थानों तक पहुंच गए।
राजोरी-पुंछ के जंगलों का इस्तेमाल कर पाकिस्तान की आईएसआई किस साजिश के तहत काम कर रही है। जंगलों में घात लगाकर हमले की वारदातें क्या पूर्व नियोजित थीं या आतंकियों ने घेराबंदी को देख सेना को नुकसान पहुंचाया। अतिसंवेदनशील इलाके में इतने बड़े पैमाने पर सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बावजूद आतंकी कैसे हमले करने और फिर छिपने में कामयाब हो रहे हैं।
इलाके में स्लीपर सेल का नेटवर्क कितना फैल चुका है। तीनों आरोपियों से पूछताछ पूरी होने पर आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने में मदद मिल सकती है।
जड़ांवाली गली से बींबर गली के बीच बंद रहा पुंछ-जम्मू राजमार्ग
पुंछ जिले के भाटादूड़ियां में पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे जंगल में आतंकियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई जारी है। जड़ांवाली गली से बींबर गली तक के बीच पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बंद है। इसके चलते जिले के सुरनकोट, मंडी एवं पुंछ हवेली तहसील के हजारों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पुंछ से जम्मू एवं जम्मू से पुंछ आने वाले लोगों को वाया मेंढर अथवा वाया कृष्णा घाटी के रास्ते गंतव्य तक पहुंचने में 10 से 11 घंटे का समय लग रहा है।