पहले कोरोना पॉजिटिव और बाद में निगेटिव पाए गए बच्चों के अभिभावकों में स्कूल प्रबंधन, जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ कड़ा रोष है। अभिभावकों का कहना है कि अगर बच्चों के साथ इस तरह की लापरवाही होगी, कोविड-19 के नाम पर इस तरह से परेशान किया जाएगा तो उनके जेहन पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। अभिभावकों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।