जम्मू। चौआदी में जीजा और उसके भाई की हत्या करने वाले आरोपी साले को पुलिस ने 10 दिन की रिमांड पर लिया है। पुलिस ने बुधवार को दोबारा वारदात स्थल का दौरा कर क्राइम सीन दोहराया और जरूरी सबूत जुटाए।
पुलिस के अनुसार मरने वाले अमित कुमार निवासी कठुआ के बेलढारा का परिवार शीतल को अब घर में नहीं रखना चाहता था। अमित भी शीतल से तलाक लेना चाहता था और मंगलवार को भाई रोहित के साथ तलाक के पेपर लेकर चौआदी स्थित अपने ससुराल पहुंचा था। जब यह बात साले अरुण खुल्लर उर्फ वीरा को पता चली तो बहन का घर टूटने की बात पर आपे से बाहर हो गया और जीजा के साथ उसके भाई की गोली मारकर हत्या कर दी।
उधर, बुधवार को जीएमसी में डॉक्टरों के बोर्ड ने दोनों भाइयों के शवों का पोस्टमार्टम कर परिवार को सौंप दिया।
अरुण खुल्लर का परिवार भी इस वारदात को लेकर सदमे में है। वे लोग बेटी के विवाद से तो परिचित थे, लेकिन अरुण इस तरह का कदम उठाएगा, यह किसी ने नहीं सोचा था। जानकारी के अनुसार अरुण का सैनिक कॉलोनी में सर्विस स्टेशन कम वर्कशाप है, लेकिन वह इंजीनियरिंग स्नातक है। आसपास के लोग भी अरुण के इस कांड को लेकर हैरान हैं कि उसने ऐसा क्यों किया।
नम आंखों से दी दोनों भाइयों को अंतिम विदाई
संवाद न्यूज एजेंसी
हीरानगर। मंगलवार को चौआदी में गोलीकांड में दो भाइयों की हत्या से गुड़ा बेलदारां गांव में बुधवार को दूसरे दिन भी मातम छाया रहा। अमित कुमार और रोहित कुमार के शव दोपहर बाद गांव में लाए गए। दोनों के शव कुछ समय के लिए घर के आंगन में रखे गए। शाम ढलने से पहले उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव के स्थानीय लोगों के अलावा आसपास से आए हुए लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
स्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों भाइयों की मौत से पिता विशंभर के परिवार के चिराग ही बुझ गए। पूरा परिवार खुशहाल था। दोनों भाई मिलकर घर चला रहे थे। लोगों ने कहा कि उनके घर में कोई घरेलू विवाद चल रहा था, इसकी जानकारी हमें नहीं थी। लेकिन हम इतना जरूर जानते हैं कि अगर कोई विवाद था तो यह दोनों भाई इतने समझदार थे कि उसे सुलझा सकते थे। दो बेटों को खोने के बाद माता-पिता सुधबुध खो बैठे हैं। वह किसी से कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं।