यूपी में मुरादाबाद में अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों ने लापरवाही की सारी हदें पाक कर दीं। सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को मृत घोषित कर मुर्दाघर के फ्रीजर में रख दिया। शुक्रवार सुबह साढ़े दस बजे पुलिस और परिजन मौके पहुंचे तो उसकी सांसें चल रही थीं। आनन-फानन घायल को दोबारा जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया।
संभल जनपद के हजरत नगर गढ़ी थानाक्षेत्र के पोटा पहाड़ी निवासी श्रीकेश (32) नगर निगम में तैनात हैं। उनके भाई नरेंद्र ने पुलिस को बताया कि श्रीकेश गुरुवार रात करीब साढ़े नौ बजे दूध खरीदने जा रहे थे। इसी दौरान एक बाइक सवार ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। इस हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया और शव को मोर्चरी में रखवा दिया। पुलिस को इसकी सूचना भी दी गई।
लेकिन शुक्रवार सुबह साढ़े दस बजे दरोगा परिजनों को साथ मोर्चरी पहुंचे और कानूनी प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान देखने को मिला कि घायल की सांसें चल रही थीं। जिससे हड़कंप मच गया। इसके बाद घायल को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में फिर से भर्ती करा दिया गया है। सिविल लाइंस थाना प्रभारी आरपी सिंह ने बताया कि घायल को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती करा दिया है। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।