साल 1990 से आतंकी हमलों में मारे गए कश्मीरी पंडितों की याद में जम्मू में तवी नदी के किनारे स्मारक बनाया जा रहा है। कश्मीरी पंडित समुदाय के एक समूह ने इसकी नींव रखी। माता भद्रकाली संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष दिलीप पंडिता ने कहा कि सेना के युद्ध स्मारक की तर्ज पर जम्मू में पहली बार इस तरह का शहीदी स्मारक स्थापित किया जा रहा है। 31 साल पहले पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के कारण घाटी से कश्मीरी हिंदुओं को पलायन करना पड़ा था। इस दौरान काफी संख्या में कश्मीरी पंडित आतंकवादियों की गोलियों का शिकार हुए थे। उनको श्रद्धांजलि देने के लिए स्मारक बनाया जा रहा है।
कहा कि इस संरचना को एक बड़े गुंबद के साथ ताज पहनाया जाएगा और मरने वालों के नाम पर तारीखों के साथ संगमरमर की प्लेटें लगाई जाएंगीं। गुंबद के नीचे संगमरमर की बड़ी दीवारें होंगी, जिन पर समुदाय के सदस्यों के नाम होंगे। इसमें 1947 में पहले भारत-पाकिस्तान युद्ध या 1990 के बाद से आतंकवाद के कारण मारे गए लोगों के नाम होंगे।
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बताया कि इसमें प्राचीन पांडुलिपियों और पुस्तकों को संरक्षित करने के लिए एक संग्रहालय व पुस्तकालय भी होगा, ताकि कश्मीर और इसकी आर्थिक, सांस्कृतिक संपदा के ज्ञान को अगली पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके। भाजपा के पूर्व विधायक अजय भारती ने कहा कि यह कश्मीरी हिंदुओं का राजघाट होगा।