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महबूबा ने कहा: हैदरपोरा मुठभेड़ पर उपराज्यपाल मांगें मांफी, पीडीपी कार्यकर्ताओं ने राजभवन के बाहर किया प्रदर्शन

Sun, 21 Nov 2021 02:22 PM IST
विमल शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

हैदरपोरा मुठभेड़ की न्यायिक जांच करवाने की मांग को लेकर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कार्यकर्ताओं के साथ श्रीनगर में राजभवन तक विरोध मार्च निकाला। पीडीपी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
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श्रीनगर में प्रदर्शन करते पीडीपी कार्यकर्ता । - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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हैदरपोरा मुठभेड़ की न्यायिक जांच करवाने की मांग को लेकर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कार्यकर्ताओं के साथ श्रीनगर में राजभवन तक विरोध मार्च निकाला। इस बीच पीडीपी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। पीडीपी प्रमुख ने कहा कि मुठभेड़ में मारे गए लोगों के शव परिजनों को लौटाना चाहिए और उन्हें इसका मुआवजा देना चाहिए।

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उन्होंने उपराज्यपाल से इसके लिए माफी मांगने की भी मांग की।  केंद्र सरकार पर आतंकियों से मुठभेड़ के नाम पर निर्दोष कश्मीरियों के कत्लेआम का आरोप लगाया है। प्रदर्शन के दौरान महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हैदरपोरा मुठभेड़ को बेवजह से आतंकी मुठभेड़ का नाम दिया जा रहा है। निर्दोष कश्मीरियों का कत्ल किया गया है।

उन्होंने कहा कि ताकत के बल पर कश्मीरियों को सरेंडर करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीति कभी कामयाब नहीं होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सांप्रदायिक पार्टी है और वह जानबूझकर कश्मीरियों का कत्लेआम कर देश के दूसरे हिस्सों में वोट हासिल करना चाहती है।  

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महबूबा मुफ्ती - फोटो : एएनआई
एलजी को लेनी चाहिए हैदरपोरा मुठभेड़ की जिम्मेदारी: महबूबा
कुपवाड़ा में शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का प्रमुख होने के नाते, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को हैदरपोरा मुठभेड़ की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उनका कहना था कि इस मुठभेड़ में तीन नागरिक मारे गए। इस तरह की घटनाओं से लोगों के बीच की खाई और चौड़ी होगी। महबूबा ने कहा, उप राज्यपाल पूरे जम्मू-कश्मीर का प्रबंधन करते हैं।

वह सिर्फ प्रशासन के मुखिया ही नहीं हैं, बल्कि यहां केंद्र सरकार के प्रतिनिधि भी हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए उन्हें हैदरपोरा मुठभेड़ की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों के जीवन की रक्षा करना एलजी की जिम्मेदारी है। मुठभेड़ में मारे गए आमिर अहमद का शव भी उसके परिजनों को सौंपा जाना चाहिए। 
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