साल 2003 में एसएसए शिक्षकों की भर्ती की गई थी। नियमित नहीं करने पर शिक्षकों ने संघर्ष शुरू किया और 2019 में सरकार ने इन शिक्षकों को ग्रेड-दो और ग्रेड-तीन के शिक्षक के रूप में नियमित करने का फैसला लिया, जिससे के बाद सरकार ने इन शिक्षकों को वेतन देने के लिए सभी उपलब्ध शिक्षण और गैर-शिक्षण रिक्तियों को फ्रीज करने का फैसला लिया है।