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गठबंधन तोड़ने और दोबारा चुनाव कराने के संकेत दे रहीं महबूबा

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पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती जम्मू-कश्मीर में भाजपा से गठबंधन तोड़ने और दोबारा चुनाव के संकेत दे रहीं हैं। इस क्रम में उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को हर इम्तिहान के लिए तैयार रहने को कहा है।
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महबूबा से पहले पीडीपी के सांसद एवं वरिष्ठ नेता मुज्जफर हुसेन बेग ने भी नेताओं को परीक्षा के लिए तैयार रहने को कहा था। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने अपने सख्त तेवर बरकरार रखते हुए कहा है कि रियासत में हवा में सरकार नहीं बनेगी।

शुक्रवार को गांधीनगर स्थित पार्टी मुख्यालय में पीडीपी के संभागीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए पीडीपी अध्यक्ष ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार विश्वास बहाली के कदम के लिए अनुकूल माहौल नहीं बनाती और मुश्किल का सामना करने के लिए ताकत नहीं देती तब तक सरकार बनाना मुश्किल है।
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केंद्र के स्पष्ट रुख के बिना जैसा चल रहा वैसा चलता रहेगा

इसके साथ उन्होंने कहा क‌ि ऐसा नहीं हुआ तो जैसे चल रहा है वैसे ही चलता रहेगा। इस बीच, पार्टी अपना जनाधार बढ़ाने के लिए सदस्यता अभियान चलाएगी। भाई तसद्दुक मुफ्ती के साथ अधिवेशन में पहुंची महबूबा ने सरकार गठन के संबंध में कहा कि पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कभी भी उसूलों से समझौता नहीं किया।

विधानसभा चुनाव 2014 के बाद भाजपा के साथ गठबंधन के फैसले से न केवल कश्मीर में हैरानी हुई बल्कि जम्मू में भी लोग आश्चर्यचकित रह गए। वह दूरदर्शी थे।

जम्मू और कश्मीर में दूरियों को खत्म करने के साथ-साथ देश ने जो भरोसा प्रधानमंत्री मोदी पर जताया था, उस जनमत के साथ गए। 10 माह तक मुख्यमंत्री के रूप में दिन-रात मेहनत की। अस्वस्थ होने के बावजूद मेहनत करते रहे।

सेना, सुरक्षा और बंदूक वक्त के साथ बदलती है

उन्होंने कहा क‌ि उनकी मेहनत पर मैं आंच नहीं आने दूंगी। पिता का फैसला सिर आंखों पर है। लेकिन, मामला रियासत में बेहतर माहौल बनाने का है। मुश्किल का सामना करने के लिए जब तक केंद्र सरकार जरूरी ताकत नहीं देती, रियासत में गुडविल के लिए रास्ता बनाने का माहौल नहीं बनाती तब तक सरकार गठन मुश्किल है।

जब तक ऐसा नहीं हुआ जैसे चल रहा है वैसे ही चलता रहेगा। इसके साथ ही पीडीपी के संभागीय स्तर के अधिवेशन में महबूबा ने कहा कि सेना, सुरक्षा और बंदूक वक्त के साथ बदलती है।

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं उनके पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद ने रियासत में शांति का माहौल बनाने की पूरी कोशिश की। उन्होंने कहा पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को इम्तिहान से माहौल बदलना होगा।
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तसद्दुक पर पीडीपी नेताओं की नजर

उन्होंने पार्टी के संभागीय नेताओं को सदस्यता अभियान तेजी से चलाने की अपील की । महबूबा ने कहा कि 1987 के विधानसभा चुनाव की धांधली से रियासत के हालात खराब हुए। 1999 में पिता मुफ्ती सईद ने रियासत में अपने अनुभव के आधार पर सियासी विकल्प के तौर पर पीडीपी का गठन किया जो रियासत में शांति की तरफ बड़ा बदलाव रहा।

पीडीपी के अधिवेशन में पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के साथ पहुंचे और मंच पर उनके साथ की कुर्सी पर बैठे तसद्दुक मुफ्ती पर पार्टी नेताओं की नजरें गढ़ी रहीं। तसद्दुक ने हालांकि पार्टी नेताओं को संबोधित नहीं किया, लेकिन महबूबा ने अपने संबोधन में बाकायदा तसद्दुक का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने मुबारक मंडी और अब्दुल्लियां का दौरा किया है।

अधिवेशन के बाद महबूबा ने तसद्दुक को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मिलाया। माना जा रहा है कि महबूबा आने वाले दिनों में पार्टी में तसद्दुक को अहम स्थान दे सकती हैं।
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