कुत्रिम टांगे लगने के बाद चलने की कोशिश करती मासूम शाहिदा।
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रियासी। सेना की ओर से दिव्यांगों के लिए लगाए शिविर में आई छह वर्षीय शाहिदा दोनों कृत्रिम टांगों के लगते ही मुस्कुरा उठी। इस दौरान उसके चेहरे पर मुस्कुराहट साफ देखी गई, और वह बार बार अपनी टांगों को देख रही थी।
पिता का हाथ थाम कर शाहिदा ने कृत्रिम टांगों पर चलने का प्रयास किया। लेकिन, घबराहट में चल नहीं पाई। मौके पर मौजूद सेना के अधिकारियों तथा लोगों ने उसे कुछ दिनों तक अभ्यास कर चलने की हिदायत दी। शाहिदा के पिता लालदीन निवासी गूल नेे बताया कि शाहिदा चार वर्ष की थी तब उसकी दोनों टांगों में दाने निकल आए। डॉक्टरों के उपचार से उसे कोई लाभ नहीं मिला।
डॉक्टरों ने उसको बचाने के लिए दोनों टांगें घुटनों के नीचे से काटने को कहा। कुुछ दिन पहले सेना ने उसकी बेटी के लिए कृत्रिम टांगें लगाने की बात की। इसके बाद शाहिदा की पूरी जांच किवानीज कृत्रिम अंग व पुनर्वास केंद्र दिल्ली से आए विशेषज्ञों ने की। शुक्रवार को सेना की मदद से उसकी बेटी को दोनों कृत्रिम टांगें मिलीं। उम्मीद है कि जल्द ही शाहिदा कृत्रिम टांगों के सहारे चलने लगेगी।