मुस्लिम लीग के प्रवक्ता मोहम्मद रफीक गनई ने बताया कि मुस्लिम लीग के चेयरमैन मसर्रत आलम को शनिवार को उनके केस की सुनवाई के लिए कोर्ट के सामने पेश नहीं किया गया।
गनई ने बताया कि मुफ्ती सरकार गिरफ्तार किए गए नेताओं को कोर्ट में सुनवाई के दौरान पेश करने की अनुमति नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि मसर्रत को शनिवार को सीजेएम श्रीनगर के सामने पेश होना था लेकिन पुलिस ने उन्हें पेश नहीं किया।
मुफ्ती सरकार पर राज्य में आरएसएस के एजेंडे को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए गनई ने कहा कि मुफ्ती सरकार को आलम के सार्वजनिक कद से डर लगता है इसलिए वह उसे जनता के समक्ष प्रस्तुत करना नहीं चाहती है।
उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझ कर ऐसा कर रही है क्योंकि वह नहीं चाहती की कोर्ट उन्हें रिहा करे। सीजेएम द्वारा केस की अगली सुनवाई पर 17 दिसंबर को मसर्रत आलम को अदालत के समझ प्रस्तुत किए जाने के लिए सरकार को निर्देश दिए हैं।