कांता देवी का कहना है कि जम्मू-कश्मीर पीपुल्स फोरम व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तरफ से बेटे की शहादत को नमन कर उन्हें सम्मानित किए जाने पर वह गर्व महसूस कर रही हैं, लेकिन मां होने के नाते उदयमान सिंह के चले जाने का उन्हें गम है जो आखिरी सांस तक रहेगा। उनकी जिंदगी का पहिया गर्व और गम के बीच चल रहा है।
शहीद हवलदार राजेंद्र सिंह की वीरता को किया स्मरण
भारतीय सेना में हवलदार राजेंद्र सिंह 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान टाइगर हिल को पाकिस्तान से मुक्त करवाने के लिए वीरता से लड़ते हुए शहीद हो गए थे। कठुआ जिले के राजेंद्र सिंह की पत्नी वीरनारी कंचन देवी कहती हैं कि टाइगर हिल से पाकिस्तानी सेना और आतंकियों को खदेड़ने के लिए उनके पति ने आखिरी सांस तक कुर्बान कर दी। आज वे हमारे बीच नहीं हैं लेकिन देश पूरी तरह से सुरक्षित है। उनका कहना है कि दोनों बेटे अब बड़े हो चुके हैं और रोजगार भी हासिल कर चुके हैं।