शिवसेना (यूबीटी) जम्मू-कश्मीर इकाई ने जम्मू संभाग की दोनों लोकसभा सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों को समर्थन देने की घोषणा की। पार्टी कार्यालय में हुई प्रेस वार्ता में प्रदेशाध्यक्ष मनीष साहनी ने कहा कि एक सोची समझी रणनीति के तहत नेताओं को सुरक्षा न देकर पार्टी के विस्तार व प्रचार से दूर रखा जा रहा है।
मनीष साहनी ने कहा कि उन्होंने हमेशा स्थानीय लोगों के हकों के लिए आवाज बुलंद की है। लगातार केंद्र की भाजपा सरकार को राज्य का दर्जा देने, कश्मीरी पंडितों की सुरक्षित घर वापसी, अमन बहाली कायम करने की मांग की जा रही है।
मनीष साहनी ने कहा कि निःशुल्क बिजली-पानी को जम्मू-कश्मीर की जनता का हक मानते हैं और लगातार बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने, बिलों में वृद्धि, सम्पत्ति कर, टोल प्लाजा, पानी के बिलों जैसे सरकारी फरमानों के खिलाफ आवाज बुलंद की जा रही है। इस मौके पर महिला विंग से मिनाक्षी छिब्बर, महासचिव विकास बख्शी और सचिव राजेश हांडा उपस्थित रहे।
अवामी पार्टी ने जम्मू लोकसभा सीट से शिक्षा बंदराल को उतारा
नेशनल अवामी यूनाइटेड पार्टी (एनएयूपी) ने जम्मू लोकसभा से शिखा बंदराल को चुनाव मैदान में उतारा है। यह घोषणा पार्टी अध्यक्ष संदीप सिंह मन्हास ने की। उन्होंने महिलाओं के उत्थान के लिए एनएयूपी की प्रतिबद्धता दोहराई और लोगों की चिंताओं को हल करने की प्राथमिकता का संकल्प लिया। इस मौके पर शिखा बंदराल ने जम्मू प्रांत से जुड़े मुद्दों, विशेषकर डोगरा समुदाय की मांगों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने जम्मू की तुलना में कश्मीर को प्राथमिकता देने और डोगरा लोगों की जरूरतों को पूरा न कर पाने जैसे मुद्दों पर अतीत की सरकारों को घेरा। बंदराल ने वर्तमान भाजपा सरकार पर भी निराशा व्यक्त की। उन्होंने भद्रवाह, पटनी टॉप, राजोरी, पुंछ, बसोहली और बनी जैसे संभावित पर्यटन स्थलों की उपेक्षा पर भी सवाल उठाया। डोगरा प्रमाणपत्रों को रद्द करने और उनकी बहाली के लिए ठोस उपाय न करने का हवाला देते हुए बंदराल ने डोगरा समुदाय के अधिकारों की वकालत की।