उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद और भ्रष्टाचार से मुक्त करना हमारा लक्ष्य है। यहां आतंकवाद का दशकों पुराना ईको सिस्टम है, जिसे पूरी तरह से उखाड़ फेंकने की दिशा में प्रयास जारी हैं। इसमें आतंकियों के सफाये के साथ टेरर फंडिंग और किसी भी तरह से आतंकवाद का समर्थन करने वालों पर कार्रवाई जरूरी है।
उप राज्यपाल रविवार को उधमपुर में बीएसएफ की पासिंग आउट परेड में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार और आतंक के नेटवर्क के खात्मे का अभियान छेड़ रखा है। जम्मू-कश्मीर में ऐसी व्यवस्था देने का प्रयास किया जा रहा है, जहां न डरने की जरूरत होगी और न ही भ्रष्टतंत्र।
एलजी ने कहा कि सीमा पार से पाकिस्तान नशे की तस्करी करवा रहा है। सीमा प्रहरियों के सामने यह एक बड़ी चुनौती है। हम पाकिस्तान से हमेशा अच्छे रिश्ते के पक्षधर हैं, लेकिन उसके किसी भी नापाक मंसूबों को नाकाम करने में भी सक्षम हैं। नशाखोरी युवाओं के लिए सबसे बड़ा अभिशाप बन गया है। इसमें सीमा प्रहरियों को बड़ी भूमिका निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि आत्म शक्ति और संकल्प शक्ति के साथ 1969 से ही बीएसएफ ने जम्मू-कश्मीर में शांति व्यवस्था के लिए अभूतपूर्व योगदान और अनेक बलिदान दिए हैं। बॉर्डर की सुरक्षा के साथ सीमावर्ती गांवों में निस्वार्थ भाव से अपने नैतिक दायित्वों का निर्वाह किया है।
कश्मीर घाटी में डीडीसी के शांतिपूर्ण चुनाव करवाने से लेकर सीमा पार से हो रही घुसपैठ और ड्रग्स तस्करी रोकने रोकने में अहम भूमिका निभाई है। जम्मू-कश्मीर विविधताओं से भरा प्रदेश है। यही हमारी ताकत भी है, हम एकता के सूत्र में बंध कर एक कड़ी की तरह तरक्की की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।