उपराज्यपाल ने पुस्तक के माध्यम से दर्द जनजाति के सुदूर भूदृश्यों और जटिल सांस्कृतिक बारीकियों, रीति-रिवाजों, भाषा और सामाजिक संरचनाओं की खोज करने के लिए लेखक डॉ. सुहेल रसूल मीर को बधाई दी।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को राजभवन में डॉ. सुहेल रसूल मीर द्वारा लिखित पुस्तक ‘दर्द जनजाति का सांस्कृतिक विश्वकोश’ का विमोचन किया। अपने संबोधन में उपराज्यपाल ने पुस्तक के माध्यम से दर्द जनजाति के सुदूर भूदृश्यों और जटिल सांस्कृतिक बारीकियों, रीति-रिवाजों, भाषा और सामाजिक संरचनाओं की खोज करने के लिए लेखक डॉ. सुहेल रसूल मीर को बधाई दी।
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उन्होंने गुरेज स्थित शिनन मीरास-शिना सांस्कृतिक केंद्र, भारतीय सेना की भावी पीढ़ियों के लिए दर्दी लोगों के पारंपरिक ज्ञान और ज्ञान, विरासत और संस्कृति को संरक्षित करने के लिए सराहना की।
राष्ट्र निर्माण में आदिवासी समुदाय के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डालते हुए उपराज्यपाल ने आदिवासी समुदाय के समृद्ध रीति-रिवाजों, संस्कृति और भाषाई संपदा को संरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए सभी हितधारकों से सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
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इस अवसर पर उपराज्यपाल ने कश्मीर राइटर्स एसोसिएशन और सेना के संयुक्त प्रयास ‘द नॉर्थ कश्मीर गजट’ के दूसरे संस्करण का विमोचन भी किया। इस अवसर पर वज्र डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल गिरीश कालिया, दर्द जनजाति के सांस्कृतिक विश्वकोश के लेखक डॉ. सुहेल रसूल मीर, कश्मीर राइटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष फिदा फिरदौस, सेना के वरिष्ठ अधिकारी, शिना सांस्कृतिक केंद्र और कश्मीर राइटर्स एसोसिएशन के सदस्य मौजूद रहे।