जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा डिग्री नहीं, बल्कि कौशल हमारे उद्योगों की नियति तय करेंगे। गुरुवार को उपराज्यपाल सिन्हा ने श्रीनगर के रणबीरगढ़ में कश्मीर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के उद्घाटन के दौरान यह बात कही।
उपराज्यपाल ने कहा कि उपयुक्त करियर बनाने के लिए संज्ञानात्मक कौशल, तार्किक तर्क, तकनीकी कौशल आदि जैसे महत्वपूर्ण कौशल होने चाहिए। इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी कंपनियों में पेशेवरों की मांग बढ़ी है। आज, उद्योग एक विशिष्ट कौशल वाले कार्यबल की तलाश कर रहा है। हमारा ध्यान मौजूदा और भविष्य की नौकरी के पदों के लिए आवश्यक कौशल के अनुसार क्षमता निर्माण पर होना चाहिए।
इस अवसर पर उपराज्यपाल ने कश्मीर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के अध्यक्ष राजा एजाज अली और पूरी टीम को शिक्षा, नवाचार और भविष्य के लिए तैयार कुशल कार्यबल को बढ़ावा देने में तकनीकी उत्कृष्टता को मजबूत करने के उनके प्रयास के लिए बधाई दी।
उद्योग क्षेत्र में हो रहे तेजी से बदलाव पर बोलते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि चौथी औद्योगिक क्रांति में बदलाव की गति और पैमाने के लिए उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेजों में नवाचार संस्कृति को बढ़ावा देने और उद्योग की उभरती जरूरतों को पूरा करने के लिए पाठ्यक्रम को फिर से तैयार करने पर जोर दिया।
उपराज्यपाल ने जम्मू कश्मीर में स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शिक्षा क्षेत्र में सुधारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में व्यापक अवसरों का पता लगाने के लिए कुछ बहुमूल्य सुझाव भी दिए।
उद्घाटन समारोह में उपराज्यपाल के सलाहकार राजीव राय भटनागर, कश्मीर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर निलोफर खान, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त सचिव विक्रमजीत सिंह, आईजीपी कश्मीर विधि कुमार बिरदी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस अवसर पर कश्मीर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के चेयरमैन राजा ऐजाज अली, प्रिंसिपल डॉ. सैयद जलाल अहमद सहित कॉलेज के संकाय सदस्य और कर्मचारी मौजूद रहे।