पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर गलवां घाटी और गोगरा हॉट स्प्रिंग से चीनी सेना अपने टेंट उखाड़कर पीछे लौट रही है। सोमवार को एलएसी पर तनाव खत्म करने के लिए दोनों सेनाओं के बीच बातचीत को लेकर जिन बिंदुओं पर सहमति बनी थी, वहां चीनी सैनिक टेंट उखाड़कर वाहनों में पीछे लौटे देखे गए हैं।
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सूत्रों के अनुसार, गलवां घाटी में पेट्रोलिंग प्वाइंट-14 से चीनी सेना एक किलोमीटर से भी ज्यादा पीछे हटती देखी गई है। इसी तरह से गोगरा हॉट स्प्रिंग से भी यह क्रम जारी हो गया है। हालांकि अभी यह कहना मुश्किल है कि चीनी सेना कितनी पीछे हटी है। इसका सटीक तौर पर पता वेरिफिकेशन प्रक्रिया में ही चल पाएगा।
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सूत्र बताते हैं कि पैंगोंग त्सो के फिंगर क्षेत्र से चीनी सेना के पीछे हटने की अभी कोई जानकारी नहीं मिली है। यहां फिंगर-4 से फिंगर-8 तक चीनी सेना ने बड़े स्तर पर जमावड़ा कर रखा है। एलएसी पर जमावड़ा कम करने के लिए दोनों सेनाओं के कोर कमांडर स्तर पर 30 जून को लंबी बातचीत हुई थी।
इसमें चरणवार तनाव खत्म करने के लिए जरूरी कदम उठाने पर सहमति बनी थी। लेफ्टिनेंट जनरल स्तर पर पहले चरण की बातचीत 6 जून को हुई थी। इसमें दोनों ओर से सहमति बनी थी कि तनातनी वाले स्थानों से सेनाओं को पीछे हटाया जाएगा, हालांकि गलवां घाटी में पीपी-14 पर दोनों सेनाओं के बीच झड़प से हालात और बिगड़ गए। तीन दिन पूर्व शुक्रवार को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख का दौरा कर सैनिकों को संबोधन के माध्यम से चीन को कड़ा संदेश दिया था।