हिमाचल के धर्मशाला की मीनाक्षी ने घाटी में जिदंगी का सबसे बुरा अनुभव किया। उसके सामने दो महीने की बच्ची ने दम तोड़ दिया लेकिन कोई कुछ नहीं कर पाया। सबके पीछे मौत काले साये की तरह दौड़ रही थी। हर कोई अपनी जान बचाने में लगा हुआ था।
मीनाक्षी ने बताया कि श्रीनगर में इस त्रासदी के बाद पीने के लिए पानी नहीं, खाने के लिए अन्न का एक दाना तक नहीं है। दो महीने की बच्ची कब तक दूध के बिना रहती। मीनाक्षी कहती हैं कि वो कभी कश्मीर नहीं आएंगी।
जो उन्होंने यहां अनुभव किया वो बहुत भयानक है। धरती पर जन्नत में लोग मर रहे हैं। पानी से बदबू आ रही है। सेना के हेलिकाप्टर से श्रीनगर से जम्मू के टेक्निकल एयरपोर्ट पहुंची मीनाक्षी ने बताया कि वह अपने पति सुनील शर्मा के साथ श्रीनगर घूमने गई थीं।
लेकिन वहां कुदरत का कहर ऐसा बरपा, जो ताउम्र याद रहेगा। मीनाक्षी ने बताया कि उसका पति अभी भी श्रीनगर में ही फंसे हैं। उनके रविवार को लौटने की उम्मीद है।