बिंदरू के ससुर रोशन लाल मावा ने भी कहा कि दामाद की हत्या के बाद उनके परिवार के पास अफसोस करने और उन्हें सहानुभूति देने पहुंचे मुस्लिम समुदाय के लोगों के आश्वासन और प्यार के चलते उन्होंने एक बार फिर से दुकान खोलने का फैसला लिया है। वहीं, प्रिंसिपल सुपिंदर कौर के घर भी मुस्लिम समुदाय के काफी लोग परिवार के साथ संवेदना व्यक्त करने पहुंचे हैं। ग्रैंड मुफ्ती नसीरुल इस्लाम भी उनके घर पहुंचे और इस दरिंदगी की निंदा की। कहा कि कश्मीर हर धर्म के लोगों का है, चाहे वे हिंदू, सिख या मुसलमान हैं और हम सब सदा भाईचारे के साथ रहेंगे।
बता दें कि पांच अक्तूबर को मक्खन लाल बिंदरू सहित गोलगप्पे वाले वीरेंद्र पासवान और एक सूमो ड्राइवर की हत्या की गई थी। इसके बाद सात अक्तूबर को आतंकियों ने संगम ईदगाह में एक सरकारी स्कूल में घुसकर प्रिंसिपल सुपिंदर कौर और शिक्षक दीपक चंद की हत्या कर दी, जिससे अल्पसंख्यकों में डर का माहौल है।