भारतीय क्षेत्र से पाक सेना हटाने और सीजफायर समझौते पर हस्ताक्षर करने के बावजूद पाकिस्तान अपने नापाक मंसूबे से बाज नहीं आया। एलओसी के इस पार से लौटने की औपचारिक घोषणा करने के बाद भी घुसपैठियों के घात लगाकर हमले जारी रहे।
ऊपरी तौर पर देखने पर युद्ध खत्म हो चुका था। बाकायदा आपरेशन विजय की सफलता घोषित की जा चुकी थी, लेकिन कारगिल और सटे इलाकों की दुरूह भौगोलिक परिस्थितियों में छिपे बैठे घुसपैठिए अब भी लौटने को तैयार नहीं थे।
अपने इलाके को खाली करवा कर सुरक्षित घोषित करने के लिए भारतीय सेना का अभियान जारी था। इस बीच एलओसी के बिल्कुल नजदीक एरिया कोनिकल को दुश्मन के कब्जे से छुड़ाने की योजना बनाई गई।