रियासत के बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी है। रामबन जिले के चंद्रकोट में चिनाब दरिया पर निर्माणाधीन बगलिहार दो परियोजना की दूसरी यूनिट का परीक्षण भी कामयाब रहा।
पावर डेवलपमेंट कारपोरेशन (जेकेपीडीसी) के अधिकारियों के अनुसार पहली यूनिट (टरबाइन) से 150 मेगावाट बिजली उत्पादन का काम शुरू करने के बाद दूसरी यूनिट की 72 घंटे की टेस्टिंग भी सफल रही।
450 मेगावाट बिजली उत्पादन की परियोजना में अब केवल एक यूनिट पर बिजली उत्पादन का परीक्षण बाकी रह गया है। हरेक यूनिट से 150 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने यह परियोजना राष्ट्र को समर्पित करेंगे। लोकार्पण की तिथि अभी तय होनी है।
रिकार्ड समय में पूरा किया काम
जेकेपीडीसी सूत्रों के अनुसार परियोजना की दूसरी यूनिट की सफल टेस्टिंग के बाद बिजली उत्पादन भी शुरू हो चुका है। इस यूनिट को भी पहली यूनिट की तरह उत्तरी ग्रिड से जोड़ दिया हैं ताकि उत्पादित बिजली का इस्तेमाल हो सके।
प्रोजेक्ट के चीफ इंजीनियर अब्दुल वाहिद का कहना है कि परियोजना अपने तय समय पर पूरी हो रही है। 300 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता हासिल करने का काम पूरा हो चुका है।
बाकी एक यूनिट का काम भी जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है। 3113 करोड़ की बगलिहार दो परियोजना का काम 2012 में शुरू हुआ था। इसे रिकार्ड समय में पूरा किया जा रहा है।
पानी की कमी बनेगी बिजली उत्पादन में बाधा
पाकिस्तान से सिंधु जल समझौते के तहत चिनाब दरिया पर बगलिहार दो परियोजना भी रन द वाटर स्कीम पर होने की वजह से दूसरे यूनिट की सफल टेस्टिंग के बावजूद दरिया में जल स्तर कम होने के चलते बिजली उत्पादन तय क्षमता के मुताबिक करने में दिक्कत आ रही है।
परियोजना के इंजीनियरों के अनुसार जल स्तर गिरने से आगामी महीनों में परियोजना में बिजली उत्पादन लक्ष्य के मुताबिक नहीं हो पाएगा। अगले साल गर्मी के मौसम में ही परियोजना से तय क्षमता के मुताबिक बिजली उत्पादन हो पाएगा।