जम्मू-नई दिल्ली नेशनल हाईवे पर हुए भीषण हादसे में नेपाल से माता वैष्णो देवी के दर्शन को आए 24 श्रद्धालु घायल हो गए। शहर से सटे बगियाल मोड़ के नजदीक शनिदेव मंदिर के सामने यात्रा के बाद लौटती बस टैंकर से भिड़ गई।
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वीरवार तड़के ढाई बजे हुए हादसे के घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दो घायलों को जीएमसी जम्मू रेफर कर दिया गया। शेष घायलों को जिला अस्पताल में ही उपचार चल रहा है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार नेपाल से विशेष बस लेकर माता वैष्णो देवी के दर्शन कर लौटते समय यह हादसा तब हुआ जब श्रद्धालुओं की बस जम्मू से कठुआ की ओर आ रहे टैंकर (जेके02एएफ-6246) के पीछे जा टकराई।
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टक्कर से टैंकर जहां हाईवे किनारे नाले में जा गिरा, वहीं बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। जोरदार टक्कर के बाद बस में सवार श्रद्धालुओं में चीख-पुकार मच गई।
क्विक रिएक्शन टीम के सदस्यों ने मोर्चा संभाला
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग की हाईवे पेट्रोलिंग और क्विक रिएक्शन टीम के सदस्यों ने मोर्चा संभाला। इस बीच कुछ स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंच गए। क्षतिग्रस्त बस में फंसे घायलों को एक-एक कर बाहर निकाला गया और कुछ ही समय में सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचा दिया गया।
अस्पताल में बड़े हादसे के बारे में सूचित कर दिया गया था। दो दर्जन घायलों के अस्पताल में एक साथ पहुंचने पर कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल रहा। प्राथमिक उपचार के दौरान मीरा देवी और मोहिंदर शाह की हालत नाजुक पाई गई, जिन्हें फौरन जिला अस्पताल से जीएमसी जम्मू रेफर कर दिया गया।
अस्पताल में उपचाराधीन घायलों ने बताया कि वे नेपाल से माता वैष्णो देवी की यात्रा करने आए थे। वापस लौटते समय हादसा कब हो गया, उन्हें पता नहीं चल पाया।
सड़क हादसे में घायल लोगों के नाम मीरा देवी और मोहिंदर शाह (जीएमसी जम्मू रेफर), शांति देवी, पार्वती देवी, सावित्री देवी, सुहिल देवी, सोनिया देवी, गोविंद कुमार, परस रावत, फूलमोली देवी, प्रेम कुमार, कांति देवी, अनुराधा मिश्रा, उर्मिला गुप्ता, नेहा देवी, पदमा देवी, सुमित्रा देवी, मास्टर तारा सिंह, भरवोवति, उमरकोटि, उर्मिला गुप्ता, विंध्याचल देवी, शकुंतला देवी, जंग बहादुर
हादसे में बच गए लोगों को हाईवे पर गुजारनी पड़ी रात
माता से मन्नतें मांगकर अन्य धार्मिक स्थलों के लिए जा रहे नेपाल से आए श्रद्धालुओं को सड़क हादसे ने बदहवास कर दिया। लगभग 50 यात्रियों का जत्था बस में सवार था। हादसे में बच गए लोगों को सर्द रात में हाईवे के डिवाइडर पर रात गुजारनी पड़ी।
बच्चों महिलाओं के साथ हाईवे के बीचों बीच डिवाइडर पर डेरा जमाए श्रद्धालुओं के जेहन में हादसे का मंजर ही कौंधता रहा। यात्रा के अगले पड़ाव और वापस लौटने की व्यवस्था का सवाल इन मुसाफिरों के लिए चिंता का विषय बन गया।
हादसे के दूसरे दिन सिविल और पुलिस प्रशासन ने देर आए दुरुस्त आए की तर्ज पर आखिरकार श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की। एसपी कठुआ नीवा जैन ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद घायलों को जिला अस्पताल पहुंचा दिया गया था। जो लोग सुरक्षित बचे हैं, उन्हें घटनास्थल से सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की व्यवस्था कर दी गई है।