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जम्मू-कश्मीर: रियासी जिले का जेड़ी दुग्ध गांव घोषित, स्थानीय लोगों की बढ़ा रहा आर्थिकी

Thu, 20 Jan 2022 05:26 PM IST
विमल शर्मा एजेसी, जम्मू 

सार

रियासी जिले का जेरी हैमलेट गांव को केंद्र शासित प्रदेश का दुग्ध गांव घोषित किया गया है। इस गांव में 370 गायों के साथ 73 व्यक्तिगत डेयरियां हैं। जो किसानों की आर्थिक मदद में साथ दे रहे हैं। 
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Milk Village Reasi Jedi Village - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने रियासी जिला मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर स्थित जेड़ी गांव को केंद्र शासित प्रदेश का पहला दुग्ध गांव घोषित किया है। प्रशासन ने एकीकृत दुग्ध विकास योजना (आईडीडीएस) के तहत जेड़ी के लिए 57 अतिरिक्त डेयरी फार्म को मंजूरी भी दे दी है। गांव की 11 महिलाओं ने सहकारिता समिति का गठन किया और लोगों के घरों तथा डेयरी फार्म से दूध लेकर उन्हें प्लांट तथा अन्य प्रतिष्ठानों तक पहुंचाया। इनकी बदौलत ही जेड़ी को दुग्ध गांव का दर्जा मिल सका है। डेयरी चला आत्म निर्भर बनीं ये महिलाएं औरों के लिए भी एक मिसाल पेश कर रही हैं।

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जेड़ी गांव में अभी चल रहे 73 डेयरी फ ार्म में 370 गाय हैं। दुग्ध गांव का दर्जा मिलने से स्थानीय डेयरी संचालकों को वित्तीय सुरक्षा हासिल होगी। डेयरी फार्म का क्लस्टर बनाने के लिए गांव की महिलाओं ने सभी फार्म से दूध इकट्ठा कर विक्रेताओं तक पहुंचाने के लिए 11 महिलाओं का समूह भी बनाया है।
 

धीरज नाम के एक स्थानीय किसान ने कहा कि हम जेड़ी को दुग्ध गांव में तब्दील करने में कामयाब रहे हैं। रियासी जिला मुख्यालय के किसान गांव के डेयरी फार्म का जायजा लेने भी पहुंच रहे हैं। रियासी के जिला विकास आयुक्त चरणदीप सिंह ने बीते दिन जेड़ी पहुंचकर वहां के किसानों की आय की स्थिति जानी। सिंह ने गांव के अन्य लोगों को भी डेयरी इकाई खोलने के लिए प्रेरित करने की अपील की। 

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जेड़ी के लिए 57 डेयरी को मंजूरी
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दुग्ध गांव घोषित किए जाने के बाद आईडीडीएस के तहत जेड़ी के लिए 57 और डेयरी इकाइयों को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत पांच मवेशियों से लैस डेयरी इकाइयों को 50 फीसदी सब्सिडी दी जाती है।
 

उन्हें दूध निकालने, पनीर-दही-खोया-आइसक्रीम बनाने, क्रीम अलग करने और घी-मक्खन तैयार करने की मशीन तथा मिल्क वैन व मिल्क एटीएम भी सस्ती दरों पर मुहैया कराई जाती है। मिल्क कूलिंग यूनिट के लिए पांच लाख, पनीर व खोया निर्माण मशीन के लिए साढ़े तीन लाख, मिल्क वैन के लिए दो लाख तथा मिल्क एटीएम के लिए पांच लाख रुपये सब्सिडी मिलेगी।

गांव में और स्थापित होंगी सहकारी समितियां: कृषि सचिव
कृषि एवं पशुपालन विभाग के प्रधान सचिव नवीन चौधरी का कहना है कि गांव में ऐसी और सहकारी समितियों की स्थापना की जाएगी। दुग्ध गांव की स्थापना और इसकी सफ लता कई अन्य लोगों को इसी तरह की इकाइयां शुरू करने के लिए प्रेरित  करेगी। उन्होंने डेयरी किसानों को अपने किसान उत्पादक संगठन बनाने के अलावा डेयरी इकाई के औसत आकार को बढ़ाने का भी आह्वान किया जो उनके जीवन को उज्ज्वल भविष्य की ओर बदल सके।

जेड़ी का दुग्ध गांव घोषित होना खुशी की बात है। ड़ीसी चरणदीप सिंह ब्लॉक दिवस के मौके पर आए थे। उम्मीद है कि बैंक की तरफ से लोगों को आसानी से लोन दिया जाएगा। अभी तक 73 लोगों ने आवेदन किया है। उम्मीद है प्रशासन का सहयोग मिलेगा। - गोपाल शर्मा, सरपंच, जेड़ी गांव।

 

जेड़ी काफी पिछड़ा हुआ है। मुलभूत सुविधाओं का अभाव है। बैंक से अनुरोध है कि आवेदन करने वाले ग्रामीण को पंद्रह दिनों के भीतर लोन दिया जाए। ज्यादा ड़ेयरी खुलने से जहां के बेरोजगारों को घर-द्वार रोजगार मिलेगा, वहीं क्षेत्र का भी विकास होगा। - सविता देवी, अध्यक्ष, महावीरा वूमेन डेयरी ।

 

डेयरी खोलने के लिए लखनपुर से पांच गाय लाई थीं। इसके लिए बैंक से लोन लिया था। पशुओं की खरीद पर मिलने वाली सब्सिडी एक माह बाद भी नहीं मिली है। ज्यादातर ग्रामीण आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं। उन्हें वित्तीय सुविधा समय से मिले, तो स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा।  -लीला देवी-स्थानीय ग्रामीण। 

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