जिला जम्मू के उपजिला आरएसपुरा में रविवार को एक व्यक्ति के मृत होने के बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए शमशान घाट ले जाया गया, लेकिन चिता के पास पहुंचने पर शरीर में हरकत देखी गई। इसके बाद तुरंत व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत लाया घोषित किया। ऐसे में व्यक्ति के लिए दो बार अंतिम संस्कार करना पड़ा।
मामला आरएसपुरा के वार्ड 13 का है। यहां के 50 वर्षीय सुभाष चंद्र पुत्र नंद लाल को शनिवार रात को सरकारी उपजिला अस्पताल में मौत की घोषणा कर दी गई। इसके बाद परिवार में गम में डूब गया। पार्थिव शरीर को घर लेकर आ गए।
रविवार को उनके अंतिम संस्कार करने के लिए श्मशान घाट में अंतिम क्रियाएं चल रही थीं। इसी दौरान वहां मौजूद लोगों को पार्थिव शरीर में हरकत होती नजर आई। लोगों ने फिर उसे अस्पताल ले जाने को कहा। अस्पताल में फिर से सुभाष चंद्र की तीन बार ईसीजी की, लेकिन तीनों बार निराशा ही हाथ लगी। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित किया। मृतक के भाई राम सिंह ने यह जानकारी दी है।
वहीं, परिजनों का आरोप है कि शनिवार रात के समय उनके मरीज को उचित उपचार नहीं मिला और ना ही इस बात की पूरी तरह से पुष्टि की गई कि उसकी मौत हो चुकी है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने डॉक्टरों से इस संबंध में बात की और परिजनों को समझाया कि वह मृतक के शव को लेकर अंतिम संस्कार करें। उसके बाद फिर से व्यक्ति की अर्थी को श्मशान घाट ले जाया गया और उसका अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना से लोगों में काफी हैरानी है और इलाके भर में इस घटना की चर्चा हो रही है।
मामले की जानकारी देते हुए बीएमओ आरएसपुरा डॉ. मोनिका कोतवाल ने बताया कि व्यक्ति को शनिवार की रात को मृत लाया घोषित किया गया था। उसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया। दूसरे दिन फिर पार्थिव शरीर को अस्पताल लाया गया। उसकी तीन बार ईसीजी की गई, लेकिन निराशा ही हाथ लगी।