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जम्मू कश्मीर: जानिए कौन है दिल्ली में पकड़ा गया आतंकी जावेद मट्टू, बारामुला के इस क्षेत्र रहा है नाता

Thu, 04 Jan 2024 06:25 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

आतंकी जावेद मट्टू हिजबुल मुजाहिदीन के साथ जुड़ा हुआ था। इसके बाद वह आतंकी संगठन अल बदर के साथ भी उसका संपर्क रहा। आतंकवादी जावेद की गिनती के हिजबुल के टॉप कमांडरों में होती है
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Terrorist Javed Ahmed Mattoo - फोटो : File
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विस्तार
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दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के टॉप कमांडर रहे जावेद अहमद मट्टू को गिरफ्तार किया है। आतंकी जावेद उत्तरी कश्मीर के बारामुला के सोपोर का रहने वाला है। उसने 2009 में आतंक का रास्ता चुन लिया था।

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वह आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के साथ जुड़ा हुआ था। इसके बाद वह आतंकी संगठन अल बदर के साथ भी उसका संपर्क रहा। आतंकवादी जावेद की गिनती के हिजबुल के टॉप कमांडरों में होती है। पुलिस ने उसे ए प्लस प्लस केटेगरी में शामिल किया हुआ था। उस पर जम्मू कश्मीर पुलिस ने दस लाख का इनाम रखा था। आतंकी मट्टू लंबे समय से फरार चल रहा था।

हिजबुल के ज्यादातर कमांडर सुरक्षाबलों द्वारा मारे जा चुके हैं। इनमें टॉप दो ही कमांडर बचे हैं, जिनमें से एक पाकिस्तान भाग निकला है और एक जावेद मट्टू फरार चल रहा था। अब दिल्ली पुलिस ने आतंकी को दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया है।  आतंकी जावेद घाटी में कई आतंकी वारदातों शामिल रहा था।
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पिछले साल स्वतंत्रता दिवस पर आतंकी जावेद के भाई रईस अहमद मट्टू का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें रईस अपने घर पर शान से तिरंगा लहराते नजर आ रहा था। इसे लेकर रईस ने कहा था कि उन्होंने किसी के दबाव में नहीं बल्कि अपने दिल से तिरंगा लहराया है। यह उनकी सोच है। वे युवाओं को यही पैगाम देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह हिंदुस्तानी थे, हिंदुस्तानी हैं और हमेशा हिंदुस्तानी रहेंगे।

रईस मट्टू ने तब कहा था, 'मैंने दिल से तिरंगा लहराया। किसी का कोई दबाव नहीं था। सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा, हम बुलबुले हैं इसके ये गुलिस्तां हमारा। पहली बार मैं 14 अगस्त को अपनी दुकान पर बैठा हूं। पहले दो-तीन दिन दुकान बंद रहती थी। पिछली राजनीतिक पार्टियां खेल खेल रही थीं। आज विकास हो रहा है। लोगों के साथ इंसाफ हो रहा है। सिर्फ उसे ही पकड़ा जाता है जो दोषी है। मेरा भाई 2009 में (आतंकवादी) बन गया, उसके बाद हम उसके बारे में कुछ नहीं जानते... यदि वह जीवित हैं, तो मैं उनसे वापस आने का आग्रह करता हूं। पाकिस्तान कुछ नहीं कर सकता...हम हिंदुस्तानी हैं, हैं और रहेंगे।'

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