अधिकारियों के अनुसार 28 मई 2022 को पुलिस को सूचना मिली थी कि कमरवारी क्षेत्र के कुछ मकानों में टीआरएफ (लश्कर-ए-ताइबा) के सक्रिय आतंकी मौजूद हैं। इस पर पुलिस ने पारिमपोरा थाने में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद कार्रवाई करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया था।
जम्मू-कश्मीर पुलिस की विशेष जांच इकाई (एसआईयू) ने द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) के 3 सक्रिय आतंकवादियों सहित 13 आरोपियों के खिलाफ श्रीनगर स्थित एनआईए अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है। इसके अलावा आतंकियों को पनाह देने वाले चार घरों को कुर्क करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
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अधिकारियों के अनुसार, 28 मई 2022 को पुलिस को सूचना मिली थी कि बरथाना, कमरवारी क्षेत्र के कुछ मकानों में टीआरएफ (लश्कर-ए-ताइबा) के सक्रिय आतंकी मौजूद हैं। इस पर पुलिस ने पारिमपोरा थाने में यूएपीए और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करने के बाद कार्रवाई करते हुए छह लोगों को शुरुआत में गिरफ्तार किया।
इसके बाद शारिक वानी नाम के आतंकी को गिरफ्तार कर लिया। वर्तमान में यह सातों आरोपी प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद हैं। इसके अलावा मामले में आरोपी बनाए गए तीन आतंकी विभिन्न मुठभेड़ों में मारे गए। जबकि तीन अन्य आतंकी बासित, मोमिन और उमैस फरार हैं।
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एसआईयू को जांच से पता चला है कि सभी आरोपियों ने सामूहिक रूप से आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए साजिश रची। सभी आतंकी रिहायशी मकानों में पनाह लिए हुए थे। इन सभी मकानों को यूएपीए अधिनियम की धारा 25 के तहत कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।