जम्मू-कश्मीर में करीब पौने दो लाख पेंशनर और पारिवारिक पेंशन धारकों के लिए राहत भरी खबर है। सरकार ने इनके लिए जीवन प्रमाण पत्र की ऑनलाइन सत्यापन सुविधा को शुरू किया है। इससे वृद्धों, दिव्यांगों आदि को भारी राहत मिलेगी।
उप राज्यपाल के अवाम की आवाज कार्यक्रम में पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण सत्यापन सुविधा को ऑनलाइन करने का सुझाव मिला था, इसके बाद डिजिटल प्रमाणपत्र सुविधा को शुरू किया गया है।
वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विवेक भारद्वाज की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि आधार आधारित पेंशनर/पारिवारिक पेंशनर जीवन प्रमाण पत्र डिजिटल माध्यम से जमा करवा सकते हैं। इसके लिए पेंशनर जीवन प्रमाण वेबसाइट से जीवन प्रमाण विंडो और एंड्रॉएड क्लाइंट साफ्टवेयर डाउनलोड करेंगे।
इस साफ्टवेयर के माध्यम से आवेदनकर्ता आधार बायोमीट्रिक से खुद को पंजीकृत कर सकते हैं। पेंशनर डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जीओआई उमंग एप से जमा करवा सकते हैं। यह एप गुगल प्ले स्टोर/एप स्टोर पर उपलब्ध है।
डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाने के लिए आवश्यक जानकारी को फीड किया जाएगा। पेंशनर निकटतम सेवा केंद्र (सीएससी) और आधार सेवा केंद्र पर भी इस सेवा का लाभ पा सकते हैं।
फिंगर प्रिंट लगाने होंगे
पेंशनर की ओर से आधार नंबर, मोबाइल नंबर, पेंशन पेमेंट आर्डर (पीपीओ) नंबर, अकाउंट नंबर और पेंशन मंजूरी प्राधिकरण का नाम देने के बाद फिंगरप्रिंट लिए जाएंगे। आधार आधारित बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण के बाद जीवन प्रमाण का एक यूनीक आईडी उत्पन्न करेगा, जिसे प्रमाण आईडी कहा जाएगा।