प्रदेश में तीन बड़ी भर्ती परीक्षाओं में घोटाले के बाद जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड (जेकेएसएसबी) ने परीक्षा व्यवस्था में भारी बदलाव किया है। अब ओएमआर पद्धति के बजाय कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) का आयोजन होगा। इसके लिए भर्ती एजेंसी को दो के बजाय एक साल का ही अनुंबध मिलेगा।
जिन परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा होगी, वे सीसीटीवी से लैस होंगे। परीक्षा केंद्र में आने वाले उम्मीदवारों की बॉयोमीट्रिक हाजिरी लगेगी। परीक्षा केंद्र पर गर्मी में वातानुकूलित (एयर कंडीशन) और सर्दी के समय के लिए गर्मी (हीटिंग) की व्यवस्था होनी चाहिए। एक लाख से कम उम्मीदवारों वाली परीक्षा के लिए केंद्र तीन दिन पहले, जबकि एक लाख से ज्यादा उम्मीदवारों वाली परीक्षा के लिए केंद्र पांच दिन पहले पूरी तरह तैयार करने होंगे। इन केंद्रों में इस दौरान अन्य किसी भी तरह की परीक्षा नहीं होगी।
परीक्षा केंद्र में 25 उम्मीदवारों पर एक निरीक्षक तैनात होगा। परीक्षा केंद्र का संचालक या मालिक निरीक्षक नहीं होगा। निरीक्षक की आयु 25 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। पूर्व में जेकेएसएसबी की परीक्षा देने वाला उम्मीदवार भी निरीक्षक नहीं हो सकेगा।
वर्ष 2022 में जम्मू-कश्मीर सेवा चयन बोर्ड द्वारा करवाई भर्ती परीक्षाओं में तीन बड़ी परीक्षाएं रद्द हुई हैं। इसका असर 2.89 लाख युवाओं पर पड़ा है। एक साल से तैयारी करने के बावजूद परीक्षा रद्द होने से जहां युवाओं का समय बर्बाद हुआ, वहीं, पैसा खर्च होने के साथ मनोबल पर भी असर पड़ा है। नई भर्ती एजेंसी नियुक्ति होने से उम्मीद है कि अगली परीक्षाएं पारदर्शी रूप से होंगी।