जम्मू। अफगानिस्तान में तालिबान राज से उत्पन्न स्थिति तथा पड़ने वाले असर के मद्देनजर गृह मंत्रालय वीरवार को जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेगा। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व उप राज्यपाल मनोज सिन्हा भी शामिल हो सकते हैं। बैठक में हिस्सा लेने के लिए डीजीपी दिलबाग सिंह व खुफिया विभाग के डीजी आरआर स्वैन दिल्ली में हैं। केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला भी बैठक का हिस्सा होंगे। गृह मंत्रालय दूसरी बार सुरक्षा समीक्षा कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार तालिबान के सत्ता में आने के बाद जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की ओर से आतंकी घटनाएं बढ़ने की आशंका है। खुफिया एजेंसियों ने भी इनपुट दिए हैं कि पाकिस्तान तालिबानी आतंकियों को कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए इस्तेमाल कर सकता है। इसके साथ ही सोशल मीडिया के जरिये कट्टरता भड़का सकता है। इन सब परिस्थितियों के मद्देनजर एलओसी तथा आईबी पर सुरक्षा हालात की समीक्षा बैठक में होगी। एलओसी पर राजोरी व पुंछ से घुसपैठ के प्रयासों तथा प्रभावी नियंत्रण पर विचार होगा। साथ ही घाटी में आतंकवाद पर प्रभावी अंकुश व अलगाववादियों पर सख्ती भी बैठक का एजेंडा होगा। गिलानी के निधन के बाद मसरत आलम को हुर्रियत का नया अध्यक्ष बनाए जाने तथा उससे उत्पन्न परिस्थितियों पर भी चर्चा होगी। बैठक में प्रदेश में विकास कार्यों, नई औद्योगिक नीति तथा कश्मीरी पंडितों की जमीन से कब्जे हटाने के लिए खोले गए पोर्टल व उससे जुड़ी प्रगति पर भी विचार होगा।