जम्मू। किसी भी संकाय में 12वीं कक्षा पास करने के बाद भी बच्चे चार्टेड अकाउंटेंट (सीए) का कोर्स कर सकते हैं। ये कोर्स तीन स्तर का होता है, जिसमें फाउंडेशन, इंटरमीडिएट और फाइनल शामिल हैं। कोर्स के बाद निजी, सरकारी क्षेत्र में रोजगार के साथ स्व-रोजगार शुरू करने की बड़ी संभावनाएं हैं। सीए कोर्स से जुड़ी ऐसी कई जानकारियों से स्कूली बच्चों को जागरूक किया गया। स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू ने सोमवार को कॅरिअर काउंसिल कार्यक्रम टीचर भवन में आयोजित किया। इसमें जम्मू संभाग में जम्मू जिले से छह सौ बच्चों ने ऑफलाइन और अन्य जिलों से करीब पांच हजार बच्चों ने ऑनलाइन मोड से कार्यक्रम में भाग लिया।
स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टेड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के साथ कॅरिअर काउंसलिग का आयोजन किया था। इसमें पहुंचे बच्चों को सीए बनने की पूरी जानकारी दी गई। परीक्षा, फीस और भविष्य में रोजगार की संभावनाएं आदि। कार्यक्रम में पहुंचे बच्चों ने वक्ताओं से प्रश्न भी पूछे। कार्यक्रम में 10वीं से 12वीं कक्षा तक के बच्चों ने भाग लिया। इस दौरान सीए नकुल सराफ ने कहा कि सीए कोर्स चुनौतीपूर्ण तो है, लेकिन मेहनत से हर चुनौती को दूर किया जा सकता है। उन्होंने वित्तीय प्रणाली में सीए की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सीए कोर्स के साथ-साथ दूरस्थ शिक्षा से स्नातक की पढ़ाई कर सकते हैं। सीए बन स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा निदेशक डॉ. रवि शंकर शर्मा ने कहा कि सीए कोर्स करने के बाद कॅरिअर की संभावनाएं हैं। विभाग ने आईसीएआई के साथ एमओयू साइन किया है। इसमें आईसीएआई से सीए कोर्स करने वाले सरकारी स्कूलों के बच्चों को फीस में 75 फीसदी तक की छूट दी जाएगी।
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छात्रों ने कहा, कोर्स के प्रति था जानकारी का अभाव
रणबीर हायर सेकेंडरी स्कूल जम्मू में 11वीं कक्षा के छात्र अरशद अहमद ने कहा कि सीए बनने का सपना है, इसलिए कॉमर्स में दाखिला लिया है। सीए का कोर्स करना था, लेकिन जानकारी का अभाव था। कार्यक्रम में काफी कुछ साफ हो गया है। आईसीएआई अगर फीस में 75 फीसदी तक छूट दे रही है तो मेरे लिए काफी उपयोगी होगा। छात्र राशिद, स्टेंजीन, मो. हुसैन, हर्ष दुबे ने कहा कि सीए बनने का सपना है। उन्होंने कहा कि 12वीं के बाद सीए कोर्स के साथ दूरस्थ शिक्षा से स्नातक भी कर सकते हैं।