जम्मू। राष्ट्रीय खेलों के दौरान मंगलवार का आकर्षण जम्मू-कश्मीर के वुशू खिलाड़ी अभिषेक जामवाल रहे। अभिषेक ने 54 किलो वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। वह इन खेलों में अपने प्रदेश के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले खिलाड़ी बने हैं। उन्होंने फाइनल में पंजाब के मयंक महाजन को हराया। उत्तर प्रदेश के अपिल नागर और महाराष्ट्र के ओमकार ने कांस्य पदक जीता। अभिषेक इससे पहले नेशनल चैंपियनशिप में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे थे। उनकी नजर अगले वर्ष होने वाली एशियाई खेलों पर है।
जम्मू-कश्मीर की वुशू टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए चैंपियन का गौरव हासिल किया। प्रदेश की टीम ने कुल पांच पदक जीते, जिनमें अभिषेक जम्वाल ने स्वर्ण, अभिजीत सिंह ने रजत और इशांत सिंह, प्रथम व पंकज रैना ने एक-एक कांस्य पदक जीता है। वहीं, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के ओवेस सरवर ने इन खेलों में पहली बार दो पदक जीते हैं। टीम के कोच और द्रोणाचार्य अवार्डी कुलदीप हांडू ने जम्मू-कश्मीर टीम के शानदार प्रदर्शन की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को अपने परिश्रम का फल मिला है।
----
उप राज्यपाल ने दी बधाई
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने अभिषेक जम्वाल को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी है। अपनी ट्वीट में उप-राज्यपाल ने कहा कि अभिषेक की इस उपलब्धि पर प्रदेश को गर्व है।
--------
नेशनल तक पहुंचने में लगे 14 साल
जम्मू। नेशनल गेम्स तक पहुंचने में 14 साल लगे, लेकिन प्रदर्शन से खुश हूं। हर चीज के आने का समय होता है, बस अपने परिश्रम में कमी नहीं लानी है। नेशनल में स्वर्ण पदक के रूप में परिश्रम का फल मिला। ये बातें गुजरात में जारी 36वीं नेशनल गेम्स में जम्मू-कश्मीर के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाले अभिषेक सिंह जामवाल ने कहीं।
दोमाना के मोहल्ला मियां फलोरा (नागबनी) के निवासी अभिषेक ने बताया, वह 2009 में वुशू खेल से जुड़े। भाई सेना में हैं तो उन्हें खेलों के महत्व का पता था। मुझे उन्होंने वुशू से जोड़ा। शुरुआती दौर काफी चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन परिवार का सहयोग और नियमित परिश्रम ने राह आसान कर दी। इससे पहले दो बार अंतरराष्ट्रीय और 13 बार राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते हैं, लेकिन नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है। अभिषेक ने बताया कि इसके लिए सुबह-शाम नियमित अभ्यास करते थे। पदक जीतने में कोच कुलदीप हांडू का बड़ा योगदान है। उन्होंने खेल को तकनीक से जोड़ा। परिवार में पापा भी सेना से सेवानिवृत्त हैं। सभी का सहयोग मिला, जिसके चलते आज यह सफलता हासिल कर पाया हूं।
----
एशियन गेेम्स में पदक लाना लक्ष्य
अभिषेक ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों में अपने शानदार खेल को आगे भी जारी रखूंगा। अब उनकी तैयारी एशियन गेम्स के लिए होगी। एशियन खेलों में पदक लाने का उनका सपना है, जिसके लिए अपने परिश्रम में कोई कमी नहीं आने देंगे।