जम्मू। राष्ट्रीय राजमार्ग से अब हथियारों, मवेशियों और नशे की तस्करी आसान नहीं होगी। लंबे अंतराल के बाद आखिरकार हाइवे पर वाहनों की जांच के लिए फुल बॉडी स्कैनर स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है, जिसे मंजूरी के लिए गृह विभाग के पास भेजा गया है। सीआरपीएफ के साथ भी इसे लेकर बात की गई है। इसकी खरीद सीआरपीएफ से विचार चर्चा के बाद होगी। संभव है कि इसको नगरोटा बन टोल प्लाजा और सांबा के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थापित किया जाएगा।
इन फुल बाडी स्कैनर के लगने से ट्रकों और अन्य वाहनों से होने वाली हथियारों की तस्करी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। बड़े स्तर पर पिछले पांच वर्षों में जम्मू सांबा और कठुआ के बॉर्डर से हथियारों और गोला बारूद को कश्मीर पहुंचाया गया है। आतंकियों तक पहुंचने वाली इस खेप पर काबू पाने के लिए लंबे समय से फुल बाडी स्कैनर लगाने की योजना पर काम हो रहा है। जानकारी के अनुसार इस समय कुछ राज्यों में समुद्री जहाज स्टेशनों के बाहर ऐसे स्कैनर काम कर रहे हैं। यहां पर बड़े कंटेनर स्कैन किए जाते हैं। जम्मू-कश्मीर में समस्या आतंकवाद की है तो इसलिए इसकी ज्यादा जरूरत पड़ रही है। पिछले पांच साल में जम्मू से कश्मीर तक बड़े स्तर पर ट्रकों में हथियार भेजे गए हैं। पुलिस का हर एक ट्रक की जांच करना संभव नहीं है, लेकिन कई बार ऐसे ट्रक पकड़े भी गए हैं, जिनसे हथियार बरामद हुए हैं। स्कैनर लगने से वाहनों की पूरी तरह से जांच होगी और इसमें छुपाए गए हथियारों का आराम से पता चल जाएगा।
हथियारों की तस्करी पर कसेगा शिकंजा
जानकारी के अनुसार जम्मू, सांबा और कठुआ में सीमा पार से लगातार ड्रोन के जरिए हथियार और विस्फोटक भेजने की साजिश हो रही है। आतंकी खुद और ओजी वर्करों की मदद से इनको बॉर्डर से कश्मीर तक पहुंचा रहे हैं। ऐसे में वाहनों की जब जांच स्कैनर से होगी तो इसकी तस्करी पर शिकंजा कसेगा।
कोट
फुल बॉडी स्कैनर को लेकर प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। सीआरपीएफ से उचित सलाह मशविरे के बाद इसकी खरीद होगी। पुलिस मुख्यालय इस पर काम कर रहा है। जल्द ही इसको मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
-मुकेश सिंह, एडीजीपी, जम्मू