जम्मू। राजस्व रिकॉर्ड गायब मामले में और दस लोगों पर गाज गिरना तय है। इनकी गिरफ्तारी हो सकती है। पुलिस और राजस्व विभाग की दबिश के बाद चार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर यह कार्रवाई हो सकती है। चारों आरोपियों को कोर्ट ने आठ दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कुछ और नाम सामने आए हैं। हालांकि पुलिस इनके नाम सार्वजनिक नहीं कर रही। वहीं, पुलिस विभाग ने जब्त रिकार्ड की जांच शुरू कर दी है। पता लगाया जा रहा है कि किस तरह और कैसे जमीन के रिकार्ड गायब किए गए हैं। यह भी पता चला है कि अधिकारियों ने अपने घरों में जमीनी कागजात छुपा रखे हैं। हालांकि नियमों के अनुसार सरकारी जमीन संबंधी कागजों को घरों में नहीं रखा जा सकता। इस विषय पर भी पूछताछ जारी है। अब पुलिस पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों पर काम करेगी।
शनिवार को पुलिस ने गायब रिकॉर्ड मामले में 21 ठिकानों पर दबिश दी थी। इसमें चार आरोपियों को हिरासत में लिया था। इस दौरान रिकॉर्ड को जब्त किया गया। घरों से 26 लाख रुपये भी पुलिस ने बरामद किए थे। टीम ने तीन वर्तमान और पांच पूर्व राजस्व अधिकारियों के यहां दबिश दी थी। इन अधिकारियों में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारी स्तर के अफसर थे। इसके अलावा आठ प्रापर्टी डीलर के सुंजवां, चौआदी, ग्रेटर कैलाश, संजय नगर, जानीपुर, गुज्जर नगर, बाहु, सिद्दड़ा, त्रिकुटा नगर एक्सटेंशन, सतवारी और सांबा जिलों के ठिकानों में दबिश दी गई थी। यहां से आपत्तिजनक दस्तावेज, भूमि खरीद फरोख्त के दस्तावेज, बैंक लाकरों की चाबियां, जमाबंदियां, रोजनामचा रजिस्टर्स, मुसाबी के अलावा सुंजवां और चौआदी गांवो के गायब नक्शे बरामद हुए हैं।
कोट
चारों आरोपियों का कोर्ट से पुलिस रिमांड मिला है। दस्तावेज जांचे जा रहे हैं। अन्य आरोपियों पर भी पुलिस कार्रवाई करेगी। पुलिस हर पहलु को ध्यान में रखकर काम कर रही है।
- चंदन कोहली, एसएसपी, जम्मू