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प्रदेश में बढ़ेगी गेंदे के फूल की पैदावार

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जम्मू। प्रदेश में इस साल गेंदे के फूल की पैदावार बढ़ाई जाएगी। इस साल अप्रैल माह में आने वाले त्यौहारों में प्रदेश से ही गेंदे के फूल की आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए काउंसिल आफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रीयल रिसर्च-इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन बायोरिसोर्स टेक्नॉलोजी (सीएसआईआर-आईएचबीटी) पालमपुर की ओर से बीज मुहैया करवाया जाएगा। बीज दो चरण में फरवरी और अगस्त माह में मिलेगा। बीज किसानों को निशुल्क प्रदान किया जाएगा। मौजूदा समय में प्रदेश में गेंदे के फूल की मांग सबसे ज्यादा रहती है।
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मौजूदा समय में फूल की आपूर्ति फ्लोरीकल्चर और किसानों की निजी नर्सरियों के माध्यम से होती है। इसके बावजूद मांग पूरी नहीं हो पाती है। इसके लिए बाहरी राज्यों की नर्सरियों से फूल मंगवाने पड़ते हैं। हर साल बीस करोड़ रुपये के गेंदे के फूल का कारोबार होता है। प्रदेश से सिर्फ एक करोड़ रुपये के गेंदे के फूल की आपूर्ति हो पाती है। अब प्रदेश में ही फूल उगाने की कवायद शुरू हुई है। कठुआ, सांबा और जम्मू में फूलों की खेती से ज्यादा किसान जुड़े हैं। इसके अलावा पहाड़ी इलाकों में भी खेती की जा सकती है। किसानों को निशुल्क बीज मिलने से आसानी से खेती हो सकेगी। मांग के हिसाब से बीज की आपूर्ति होगी।
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दो माह में फूल खिल जाते हैं
फरवरी में बीजा जाना वाला फूल दो माह में तैयार होगा। इसी तरह अगस्त में बीजा जाने वाला बीज सितंबर से फूल देने लगेगा। इस दौरान नवरात्र, दशहरा पर्व में मांग पूरी होगी।
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यहां की जा सकेगी खेती
किसान पॉलीहाउस या फिर खाली जगहों में फूल की खेती कर सकते हैं। फसल की बिजाई के बाद खाली जगह में भी फूल के पौधे लगाए जा सकते हैं। अन्य खाली जगहों को भी खेती के लिए प्रयोग में लाया जा सकता है।
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60 से 90 रुपये प्रति किलो बिकता है फूल
बाजार में गेंदे का फूल 60 से 90 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है। यहां पर फूल की खेती होने से किसान अच्छी खासी आय अर्जित कर सकेंगे।
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कोट
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प्रदेश में टीम ने दौरा किया है। कठुआ, सांबा, जम्मू के अलावा पहाड़ी इलाकों मे भी गेंदे के फूल की खेती की जा सकती है। अब किसानों को मांग के हिसाब से बीज मुहैया करवाया जाएगा। फूल फरवरी और अगस्त में बीजा जाएगा।
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- भव्य भार्गव, वरिष्ठ वैज्ञानिक सीएसआईआर पालमपुर
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