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अफगानिस्तान संकट से ड्राई फ्रूट की आपूर्ति रुकी, बढ़ गई कीमतें

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जम्मू। अफगानिस्तान में बिगड़े हालात ने जम्मू-कश्मीर के सूखे मेवे के कारोबार को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जम्मू-कश्मीर में सूखे मेवे के कारोबार में अफगानिस्तान से आने वाले अंजीर, सूखी खुमानी समेत अन्य मेवे की हिस्सेदारी करीब तीस फीसदी है। अनाज मंडी जम्मू वेयर हाउस में 50 फीसदी ड्राई फ्रूट अफगानिस्तान से ही आता है, जो ग्राहकों की पहली पसंद रहता है। तीन सप्ताह से कोई आपूर्ति नहीं हुई है, जिससे सूखे मेवे के दाम चढ़ गए हैं। इससे रक्षा बंधन पर्व पर अच्छे कारोबार की आस लगाए खुदरा व्यापारियों में मायूसी छा गई है। सिर्फ बादाम की बात करें तो पिछले कुछ समय में प्रति किलो 300 रुपये तक की बढ़ोतरी हो गई है। यही हाल किशमिश, अंजीर, पिस्ता, सूखी खुबानी और जीरा का भी है। अंजीर की कीमतों में 250 रुपये प्रति किलो की वृद्धि दर्ज की गई है।
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रिटेल ड्राई फ्रूट एसोसिएशन जम्मू तवी के सचिव सुदेश सूरी ने कहा कि पिछले तीन सप्ताह से सामान नहीं आ रहा है। अभी दुकानदारों के पास जो थोड़ा सामान बचा था वही बिक रहा है। त्योहारों पर मांग बढ़ने के साथ ही दाम भी बढ़ रहे हैं। बदाम गिरी के दाम 400 से 600 रुपये तक प्रति किलोग्राम बढ़ गए हैं। अंजीर के दामों में 100 से 200 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। अगले सप्ताह रक्षाबंधन और फिर जन्माष्टी पर्व है, ऐसे में मांग बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि बादाम गिरी अमेरिका से आती है, लेकिन इस बार पैदावार कम होने से आयात कम हुआ है, जिससे दामों में बढ़ोतरी हुई है। ट्रेडर्स फेडरेशन वेयर हाउस नेहरू मार्केट के अध्यक्ष दीपक गुप्ता ने कहा कि अफगानिस्तान में उपजे हालात का जम्मू कश्मीर के थोक ड्राई फ्रूट कारोबार पर असर पड़ा है। यहां 50 फीसदी तक ड्राई फ्रूट अफगानिस्तान से ही आयात हो रहा था, लेकिन अब भविष्य में वहां के हालात पर ही इस कारोबार की स्थिति निर्भर करेगा।
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100 से 200 रुपये प्रति किलो महंगा हुआ ड्राई फ्रूट
रघुनाथ मंदिर में ड्राईफ्रूट विक्रेता ने कहा कि अफगानिस्तान से आने वाले सामान की गुणवत्ता काफी अच्छी होती है। अभी पुराना बचा सामान बेच रहे थे। आयात बंद होने से त्योहारों पर दामों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। वहीं, शहर के सूखे मेवे के कारोबारी शांति गुप्ता ने कहा कि अफगानिस्तान से मेवे की आपूर्ति रुकने से खुदरा बिक्री प्रभावित हुई है। कोविड से पहले ही बाजार टूटा हुआ है। रक्षाबंधन और जन्माष्टमी पर सूखे मेवे के उपहार पर महंगाई की मार पड़ेगी। यहां तक कि दीपावली के बाजार पर भी इसका असर पड़ सकता है।
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पौष्टिक तत्वों से भरपूर
अंजीर की मांग ज्यादा
कारोबारियों के अनुसार वर्तमान समय में अंजीर की डिमांड बाजार में सबसे ज्यादा है। कोविड काल में अंजीर को पौष्टिक तत्वों की प्रचुरता की वजह से लोग ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। लगभग दो सप्ताह पहले इसकी कीमत खुदरा बाजार में 850 रुपये प्रति किलो थी लेकिन अफगानिस्तान में हालात बिगड़ने के कारण यह 1100 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। भविष्य में भी हालात बेहतर होते नहीं दिख रहे।
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अफगानिस्तान से इन मेवों का होता है आयात
पड़ोसी देश अफगानिस्तान से देश में सूखे मेवों में काली किशमिश, अखरोट, अंजीर, बादाम, पेशावरी पिस्ता, मुनक्का और सूखी खुबानी का मुख्य रूप से आयात होता है।
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1- अंजीर 850 रुपये 1100 रुपये
2- बादाम 650 रुपये 1000 रुपये
3- सूखी खुबानी 350-400 रुपये 600 रुपये
4- काली किशमिश 250-300 रुपये 600 रुपये
5- पेशावरी पिस्ता 1600-1700 रुपये 2300 रुपये
6- मुनक्का 400 रुपये -600 रुपये
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