राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने टेरर फंडिंग मामले में रविवार सुबह श्रीनगर, गांदरबल, अचबल, शोपियां, बांदीपोरा, रामबन, डोडा, किश्तवाड़, राजोरी समेत जम्मू-कश्मीर में 40 से अधिक स्थानों पर छापे मारे। एक अधिकारी ने बताया कि एनआईए ने पुलिस और सीआरपीएफ के साथ मिलकर जमात-ए-इस्लामी के सदस्यों के आवासों पर छापेमारी की। जमात-ए-इस्लामी को 2019 में केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंधित कर दिया गया था। एनआईए ने संगठन के खिलाफ नया मामला दर्ज किया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
उप-राज्यपाल की दो टूक: कश्मीर सूफी संतों की भूमि है, आतंकियों और उनके समर्थकों के लिए कोई दया नहीं होगी
कश्मीर सूफी संतों की भूमि है। सैयद सिमनानी, जिन्होंने शांति को बढ़ावा देने और हिंसा को हराने के लिए खून और पसीना बहाया है, ऐसे सूफी संतों की भूमि में किसी भी तरह की हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। यहां आतंकियों और उनके समर्थकों के लिए कोई दया नहीं होगी। प्रशासन कश्मीर में शांति और विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। ये बातें जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कुलगाम जिले में रविवार को एक समारोह के दौरान कहीं।
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जम्मू-कश्मीर: शंकराचार्य मंदिर पहुंची छड़ी मुबारक, आखिरी पड़ाव में इसे अमरनाथ गुफा ले जाया जाएगा
सदियों पुराने रीति-रिवाजों के अनुसार महंत दीपेंद्र गिरी के नेतृत्व में श्री अमरनाथ की छड़ी मुबारक को रविवार को पूजा के लिए ऐतिहासिक शंकराचार्य मंदिर, श्रीनगर ले जाया गया। वैदिक मंत्रोच्चार करते हुए पूजन किया गया।
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जम्मू-कश्मीर: नई उद्योग नीति के बारे में जानने के लिए कल से सरकार शुरू करेगी पहल
प्रदेश में नई उद्योग नीति व जम्मू-कश्मीर के औद्योगिक विकास के लिए नई योजनाओं से लोगों को रूबरू करवाने के लिए नौ अगस्त से सरकार पहल शुरू करने जा रही है। पर्यटन उद्योग के लोगों के लिए पर्यटन निदेशालय की ओर से उद्योग भवन में नौ अगस्त को परिचर्चा सत्र होगा।
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हिंदी हैं हम: पद्मश्री पद्मा ने डोगरी को दी नई उड़ान, साहित्यकार बोले- डोगरी की एंबेसडर ही नहीं, चक्रवर्ती सम्राट थीं
मशहूर कवयित्री पद्मश्री पद्मा सचदेव ने हिंदी की डोर से डोगरी को नई उड़ान दी। डोगरी भाषा की पहली आधुनिक कवयित्री पद्मा ने हिंदी के जरिये ‘मां बोली’ को देश-दुनिया तक पहुंचाया। उन्होंने डोगरी साहित्य की खिड़की को हिंदी की तरफ खोलकर अपनी जन्मभूमि और मातृभाषा से दुनिया को रुबरू करवाया। पद्मा डोगरी की ब्रांड एंबेसडर ही नहीं, बल्कि चक्रवर्ती सम्राट थीं। यह कहना है जम्मू के साहित्यकारों का।
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