जम्मू-कश्मीर की कई खबरें आज देशभर में चर्चा में रहीं। एक ओर इस साल घाटी में 139 आतंकियों का सफाए की खबर ने सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया वहीं महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला को परिजनों से मिलने की इजाजत भी लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बनी रही। इसके साथ ही बौखलाए पाकिस्तान ने एक बार फिर नापाक हरकत करते हुए संघर्षविराम का उल्लंघन किया जिसमें भारतीय सेना का एक जवान शहीद हो गया। जानिए खबरों के लिहाज से जम्मू-कश्मीर में कैसा रहा आज का दिन...
घाटी में इस साल अब तक सेना ने 139 आतंकियों का सफाया किया है। इनमें एलओसी पर घुसपैठ के दौरान और मुठभेड़ में मारे गए आतंकी भी शामिल हैं। इन ऑपरेशन में 26 जवान शहीद हुए हैं। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सबसे ज्यादा आठ सिपाही फरवरी में शहीद हुए थे यहां पढ़ें पूरी खबर...
नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला और पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ्ती को परिवार के सदस्यों से मिलने की अनुमित मिली है। यह दोनों नेता जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से नजरबंद हैं। इन दोनों नेताओं सहित नजरबंद किए गए अन्य नेताओं पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने तंज कसते हुए कहा था कि क्या आप नहीं चाहते हैं लोग नेता बनें यहां पढ़ें पूरी खबर...
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के दौरे के एक ही दिन बाद पाकिस्तानी सैनिकों ने रविवार को पुंछ में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर संघर्षविराम का उल्लंघन करते हुए अग्रिम चौकियों व रिहायशी इलाकों में मोर्टार व छोटे हथियारों से गोलाबारी की। इसमें एक जवान शहीद हो गया यहां पढ़ें पूरी खबर...
कश्मीर में सबसे अधिक संवेदनशील स्थानों में शामिल श्रीनगर के डाउनटाउन इलाके की सड़कों पर इन दिनों न तो पत्थरबाज दिख रहे हैं और न ही अलगाववाद समर्थक। यह पूरा इलाका पत्थरबाजी के लिए कुख्यात माना जाता रहा है। यहां पुरुष से लेकर महिलाएं भी सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी में शामिल रहती थीं यहां पढ़ें पूरी खबर...
अलगाववाद और आतंकवाद पर शिकंजा कसने के लिए केंद्र सरकार ने पहले जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया और अब प्रदेश से रोहिंग्याओं को बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी चल रही है। सूत्रों की मानें तो इस संबंध में केंद्र सरकार का जल्द ही बड़ा फैसला आ सकता है यहां पढ़ें पूरी खबर...
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद वेस्ट पाकिस्तान रिफ्यूजी शब्द भी कहीं नहीं रह गया। कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के अमानवीय रवैये की वजह से वेस्ट पाकिस्तान के रिफ्यूजियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा यहां पढ़ें पूरी खबर...