फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर: प्रदेश में बढ़ेगी सरसों की खेती, तेल निर्माता कंपनियों को पिराई के लिए दी जाएगी सरसों

Sun, 24 Oct 2021 02:38 PM IST
करिश्मा चिब सतीश वालिया, जम्मू।

सार

खाद्य तेल की बढ़ती कीमतें कंट्रोल करने के लिए कृषि विभाग ने बनाई योजना। मौजूदा समय में तेल प्रति किलो दो सौ रुपये पार हो गया है। इससे पहले प्रदेश के चुनिंदा जगहों में ही सरसों की खेती होती थी।
 
विज्ञापन
सरसों की फसल - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

खाद्य तेल की लगातार बढ़ती कीमत कम करने के लिए प्रदेश में सरसों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए 15 सौ क्विंटल बीज किसानों को स्टोर के माध्यम से निशुल्क मुहैया करवाया जाएगा और फसल को नवंबर में बीजा जा सकेगा। इस बार 50 हजार हेक्टेयर में खेती करने का लक्ष्य है। कृषि विभाग अप्रैल तक तेल निर्माता कंपनियों को सरसों मुहैया करवाएगा।

विज्ञापन


इस बार अन्य फसलों की तर्ज पर ही सरसों उगाने के लिए प्राथमिकता दी जा रही है। मौजूदा समय में देश में खाद्य तेल के दाम में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। तेल निर्माता कंपनियों को सरसों के तेल में मिलावट न करने के आदेश हैं। इससे तेल महंगा हो रहा है। मौजूदा समय में तेल प्रति किलो दो सौ रुपये पार हो गया है। इससे पहले प्रदेश के चुनिंदा जगहों में ही सरसों की खेती होती थी। इससे लाभ नहीं मिल पा रहा। इस बार पैदावार अच्छी होने पर प्रदेश में ही तेल निर्माता कंपनियों को पिराई के सरसों मुहैया करवाई जाएगी और अप्रैल से सरसों का सस्ता तेल लोगों को मुहैया करवाया जाएगा।

किसानों को व्हाट्सऐप और ई-मेल से भेजा गया संदेश
कृषि विभाग ने किसानों को व्हाट्सऐप और ईमेल के माध्यम से सरसों उगाने के लिए संदेश भेजा है। इसके अलावा पंचायत प्रतिनिधियों को भी सूचित किया है। वे भी किसानों को जागरूक करेंगे।
विज्ञापन


शोध में सरसों की खेती की अपार संभावनाएं
स्कॉस्ट जम्मू में सरसों की खेती के लिए किए गए शोध में प्रदेश में अपार संभावनाएं जताई गई हैं। प्रदेश में हर माह विदेशों से तीस करोड़ रुपये का तेल आयात किया जा रहा है। खेती होने के बाद यहां पर ही सस्ता तेल मुहैया करवाया जा सकेगा।

यह भी पढ़ें-  उपराज्यपाल मनोज सिन्हा बोले: लोग कहते हैं दो साल में क्या बदला, 70 साल से होने वाले जाति के आधार पर भेदभाव पूरी तरह से हुआ है खत्म

बड़ी ब्राह्मणा, कठुआ में कंपनियों से किया संपर्क
बाड़ी ब्राह्मणा, कठुआ समेत अन्य जगहों में तेल कंपनियों से संपर्क किया गया है। यहां पर कंपनियां सरसों लेंगी और तेल का उत्पादन करेंगी। इसके बाद कुल लागत के आधार पर लोगों को सस्ता तेल मिल सकेगा।

सरसों के तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। इस बार विभाग की ओर से सरसों का बीज किसानों को निशुल्क मुहैया करवाया जाएगा और तेल निर्माता कंपनियों को प्रदेश में ही पिराई के संरसों दी जाएगी। इससे जम्मू-कश्मीर में सरसों का तेल सस्ती दरों पर मिल सकेगा। - केके शर्मा, निदेशक, कृषि विभाग

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें