ऐसी कार्रवाई उन्हें और दूर ले जाएगी: महबूबा
पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने एक ट्वीट में लिखा, कश्मीरी युवाओं के साथ गृहमंत्री की मन की बात ने पाकिस्तान की जीत का जश्न मनाने के लिए मेडिकल छात्रों के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज करने के साथ शुरुआत हुई है। यह पता लगाने की कोशिश करने की बजाय कि शिक्षित युवा पाकिस्तान के साथ पहचान क्यों चुनते हैं। भारत सरकार प्रतिशोधात्मक कार्रवाई का सहारा ले रही है। इस तरह के कदम उन्हें और दूर कर देंगे।
माता-पिता से सलाह लेकर कार्रवाई करनी थी: नेकां
वहीं नेकां प्रवक्ता इमरान नबी डार ने कहा कि ये छोटे बच्चे हैं। पुलिस को इनको उनके माता-पिता के साथ बुलाना चाहिए था। उनसे सलाह लेनी चाहिए थी। यूएपीए लगाने की बजाय उन्हें चेतावनी देनी थी। गृह मंत्री कहते रहे हैं कि हम युवाओं का हाथ थामना चाहते हैं और उनसे बात करना चाहते हैं। इन युवाओं को चेतावनी देकर जाने देना अच्छा इशारा होता।
लोन ने की कार्रवाई की निंदा
पीपुल्स कांफ्रेंस के सज्जाद लोन ने भी इस फैसले की निंदा की है। उन्होंने ट्वीट में लिखा, मैं दृढ़ता से असहमत हूं। अगर आपको लगता है कि वे देशभक्त नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने दूसरी टीम के लिए खुशी मनाई है। अगर आपको लगता है कि वे देशभक्ति से भटक गए हैं तो आपको उन्हें वापस लेने का साहस और विश्वास होना चाहिए। दंडात्मक कार्रवाई से मदद नहीं मिलेगी। ऐसे फैसलों ने अतीत में भी मदद नहीं की है।