फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर: आतंकियों और उनके आकाओं पर नकेल कसने का फूलप्रूफ ब्लूप्रिंट तैयार, अब कहर बन टूटेंगे सुरक्षाबल

Wed, 27 Oct 2021 03:08 AM IST
प्रशांत कुमार बृजेश कुमार सिंह, जम्मू

सार

शाह ने साफ किया कि आतंकवाद पर सरकार का रुख बिल्कुल स्पष्ट है। किसी भी कीमत पर दहशतगर्द और उनके आका बख्शे नहीं जाएंगे।
 
विज्ञापन
आतंकियों के खिलाफ मोर्चा लेते जवान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने दौरे में जम्मू - कश्मीर में शांति और दहशतगर्दी को समाप्त करने के लिए युवाओं और चुने हुए जनप्रतिनिधियों पर दांव खेला है। उन्होंने साफ संदेश दिया कि यदि ये लोग उठ खड़े हुए तो आतंकवाद का नामोनिशान मिट जाएगा। बेखौफ होकर दहशतगर्दों व दहशतगर्दी का मुकाबला करने के लिए आगे आने को भी कहा है।

विज्ञापन


विश्लेषकों का मानना है कि केंद्रीय गृह मंत्री ने बॉर्डर की सुरक्षा, घुसपैठ रोकने और आतंकियों व उनके आकाओं पर नकेल कसने का फूलप्रूफ ब्लूप्रिंट तैयार किया। इसके तहत अब आतंकियों के खिलाफ सुरक्षा बल कहर बनकर टूटेंगे। इंटेलिजेंस ग्रिड भी मजबूत किया जाएगा। घाटी में सुरक्षा की कमान संभाल रहे सीआरपीएफ और अंतरराष्ट्रीय सीमा की रक्षा में जुटे बीएसएफ जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए उनके साथ समय बिताया ताकि जवानों को लगे कि सरकार उनके साथ खड़ी है। दोनों ही मौकों पर उन्होंने जवानों को विषम परिस्थितियों में ड्यूटी करने के लिए बधाई दी।

उन्हें यह विश्वास दिलाने की कोशिश की कि उनकी और उनके परिवार की चिंता करना केंद्र सरकार का दायित्व है। अर्द्धसैनिक बलों के लिए आयुष्मान योजना के दो कार्ड जारी किए जाने की वकालत कर उन्होंने देशभर के लाखों जवानों व उनके परिवारवालों का दिल जीतने की कोशिश की।

विज्ञापन

आतंकियों के खिलाफ मोर्चा लेते जवान - फोटो : अमर उजाला
विश्लेषकों के अनुसार विकास और रोजगार से नाता जोड़कर उन्होंने युवाओं का दिल जीतने की कोशिश की है। भारी भरकम औद्योगिक निवेश के साथ ही पांच लाख रोजगार के अवसर मुहैया कराए जाने का भरोसा दिलाकर युवाओं को सकारात्मक दिशा देने की कोशिश की। जम्मू और श्रीनगर दोनों ही जगह आयोजित कार्यक्रम में युवा, दहशतगर्दी व विकास केंद्र बिंदु में रहे। विश्लेषकों का कहना है कि उन्होंने कश्मीर केंद्रित नेकां और पीडीपी का नाम लिए बगैर हमले करते हुए इन्हें जम्मू-कश्मीर की बर्बादी के लिए जिम्मेदार ठहराया। जम्मू के साथ भेदभाव न होने का मुद्दा उठाकर उन्होंने भाजपा को बढ़त दिलाने की कोशिश की।

 

आतंकियों के खिलाफ मोर्चा लेते जवान - फोटो : अमर उजाला
पुलवामा के लेथपोरा सीआरपीएफ कैंप में रात बिताकर अमित शाह ने बड़ा संदेश दिया है। लेथपोरा में ही 14 फरवरी 2019 को जैश आतंकियों ने सीआरपीएफ काफिले पर फिदायीन हमला किया था जिसमें 40 जवानों ने शहादत पाई थी। इतना ही नहीं, लेथपोरा कैंप में भी दहशतगर्द हमला कर चुके हैं।

आतंकियों के खिलाफ मोर्चा लेते जवान - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद भी उन्होंने कैंप में अन्य जवानों के साथ भोजन किया। उनके साथ संवाद किया और साथ में ही रात बिताई। उन्हें यह अहसास कराने की कोशिश की कि वह उनके मुद्दों के प्रति संवेदनशील हैं। गृह मंत्री अमित शाह के दौरे में यह दूसरा मौका है जब कश्मीर में बंद की कॉल नहीं दी गई। इससे पहले जब वह गृह मंत्री बनने के बाद जून 2019 में श्रीनगर पहुंचे थे तब भी बंद नहीं हुआ था।
विज्ञापन

आतंकियों के खिलाफ मोर्चा लेते जवान - फोटो : अमर उजाला
23 से 25 अक्तूबर तक लगातार तीन दिन रहने के बाद भी किसी प्रकार का बंद का आह्वान नहीं किया गया। घाटी में लगभग सभी जगह दुकानें बंद रहीं। अमूमन पहले जब भी कोई प्रधानमंत्री या गृह मंत्री श्रीनगर के दौरे पर आता था तो बंद की कॉल दी जाती थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें