नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी घाटी में नए राजनीतिक दल खड़े कर रही है ताकि वह विधानसभा में बहुमत सुनिश्चित कर सके। साथ ही जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को निरस्त करने तथा इसे केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के पक्ष में प्रस्ताव पारित कर सके। भगवा पार्टी जानती है कि जब भी चुनाव होंगे, वह अपने दम पर सदन में बहुमत हासिल नहीं कर पाएगी।
बांदीपोरा में पार्टी के सम्मेलन में उन्होंने कहा कि वे विधानसभा में बहुमत का उपयोग कर एक प्रस्ताव लाना चाहते हैंए जो पिछले प्रस्ताव को निरस्त कर देगा। इसके बाद वे उच्चतम न्यायालय जाएंगे और कहेंगे कि अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के खिलाफ नेशनल कांफ्रें स के लोकसभा सदस्यों द्वारा दाखिल मामला झूठा है क्योंकि जनता संतुष्ट है।
ऐसे में उच्च न्यायालय के पास मामले को रफा-दफा करने के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा। कहा कि भाजपा जानती है कि कश्मीर में उसे एक भी सीट नहीं मिलने वाली। इसलिए बहुमत तक पहुंचने के लिये नई पार्टियां खड़ी की जा रही हैं। पीएजीडी (पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन) का गठन यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया है कि भाजपा बहुमत तक न पहुंच पाए।
पीएजीडी तोड़ने के लिए डीडीसी चुनावों की हुई थी घोषणा
उन्होंने कहा कि डीडीसी चुनावों की घोषणा पीएजीडी को तोड़ने के लिए की गई थी। उन्होंने सोचा था कि या तो गठबंधन सीटों के बंटवारे पर टूट जाएगा या फिर चुनाव हार जाएगा। यह दोनों संभव नहीं हो सका। गठबंधन ने सबसे अधिक सीटें हासिल की। यह इस बात का प्रमाण है कि जनता पांच अगस्त 2019 के फैसले के साथ नहीं है।
अब भाजपा विधानसभा चुनावों के जरिये पूरे विश्व समुदाय का ध्यान आकर्षित करना चाहती है कि जनता पांच अगस्त के फैसले के साथ है। वर्ष 2000 में विधानसभा में स्वायत्तता का प्रस्ताव पारित किया गया था। भाजपा इसे निरस्त कराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि वे जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में हमारा मामला मजबूत है। यदि मामला कमजोर होता तो कब की सुनवाई हो गई होती। इस वजह से वे विधानसभा के जरिये प्रस्ताव पारित कराना चाहते हैं।