जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह मंगलवार को राजोरी जिले पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि कई लड़के साल 2017 से 2018 के दौरान वैध पासपोर्ट और वीजा पर पाकिस्तान गए थे। इनमें से करीब 57 मामले ऐसे सामने आए हैं जिनमें लड़के जो स्टडी वीजा या टूरिस्ट वीजा पर पाकिस्तान गए थे, वह पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गए थे। इन 57 में से 17 आतंकी बनकर वापस आ गए थे और अब तक मारे जा चुके हैं।
राजोरी पुलिस ने बताया कि पिछले सप्ताह जिले में हुई मुठभेड़ में मारे गए दो आतंकवादियों में से एक(रमीस अहमद तांत्रे) ने फरवरी 2018 में भारतीय पासपोर्ट पर पाकिस्तान की यात्रा की थी। एसपी ने कहा कि दूसरे आतंकवादी की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
बता दें कि छह अगस्त को पुलिस को जिले के थानामंडी थाना क्षेत्र में आतंकियों के एक समूह की मौजूदगी की सूचना मिली थी। जिसके आधार पर भारतीय सेना और पुलिस द्वारा एक संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया गया था। तलाशी के दौरान संयुक्त दल आतंकवादियों के निकट संपर्क में आया, तभी आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसका प्रभावी ढंग से जवाब दिया गया और दो आतंकवादियों को मार गिराया गया। जिनके पास से हथियार और गोला बारूद भी बरामद हुआ।