पुंछ। जम्मू-कश्मीर जनजातीय मामलों के विभाग ने पुंछ जिले में जनजातीय विकास के लिए 38 करोड़ रुपये की कई परियोजनाएं मंजूर की हैं। इनमें जिले में 12 स्मार्ट स्कूलों की स्थापना, जनजातिय संग्रहालय की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा दो दूध गांव बनाए जाएंगे। 18गांव में जन सुविधाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। मोबाइल डिस्पेंसरी, पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करने के अलावा डेयरी फार्म स्थापित करने जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।
जिले में जनजातीय विकास के लिए 38 करोड़ रुपये मंजूर किए जाने की जानकारी जनजातीय मामलों के सचिव डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने पुंछ नगर स्थित डाक बंगला में आयोजित समीक्षा बैठक में दी। बैठक में डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को सभी केंद्र प्रायोजित विकास परियोजनाओं को निर्धारित समय पर पूरा करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग में टैंडरों की धीमी गति और मशीनों के साथ ट्रांसफार्मरों की मरम्मत के काम में हो रही देरी पर नाराजगी जताई और संबधित विभागों से इसकी जिम्मेदारी लेने की बात कही। डॉ. चौधरी ने यूथ मिशन के बारे में चर्चा करते हुए इस बात पर सहमति दी कि पांच करोड़ रुपये युवाओं के कांउसलिंग सेंटर, लाइब्रेरी, खेलों के सामान, खेल मुकाबलों के आयोजन पर खर्च किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 60 लाख रुपये यूथ कल्बों, स्वरोजगार योजनाओं मुमकिन, तेजस्विनी और नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी पीड़ितों की सहायता के लिए जारी किए हैं। 75 लाख रुपये छात्रावासों में सुविधाओं के विस्तार के लिए और चार करोड़ 30 लाख रुपये जनजातिय छात्रों को छात्रवृत्ति के लिए दिए गए। 2 करोड़ 20 लाख रुपये जिले के 11 जोन के विभिन्न चयनित स्कूलों के लिए जारी किए गए। जिले में एकलव्य रिहायशी मॉडल स्कूल की स्थापना के लिए 24 करोड़ रुपये प्रस्तावित करने की भी बात कही। इस स्कूल में 600 विद्यार्थियों के लिए आधुनिक सुविधाएं होंगी। जिले के 56 गांवों का इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट योजना के तहत विकास किया जाएगा।