प्राचीन शिव मंदिर से सटे वन कंपार्टमेंट 35/डी पुरमंडल में जैव विविधता पार्क का विकास किया जा रहा है। इसके लिए वहां आने वालों के साथ प्रकृति प्रेमियों के बीच जागरूकता बढ़ाई जाएगी। औषधीय और धार्मिक महत्व की प्रजातियों को बढ़ावा देने और संरक्षित करने के लिए 10 हेक्टेयर क्षेत्र में जैव विविधता पार्क की स्थापना की जा रही है। इसमें तुलसी वाटिका, अर्जुन वाटिका, नवग्रह वाटिका, अमृता (औषध) वाटिका, अशोक वाटिका, राशि वाटिका, अर्नला त्रिफला वाटिका आदि शामिल होंगे।
आयुक्त सचिव वन, पारिस्थितिकी और पर्यावरण संजीव वर्मा ने सोमवार को प्रसिद्ध मंदिर के जंगलों के आसपास जैव विविधता पार्क के प्रस्तावित विकास और जल संरक्षण गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सांबा जिले के पुरमंडल क्षेत्र का दौरा किया। आयुक्त सचिव ने जलग्रहण क्षेत्र की मिट्टी और जल संरक्षण के लिए किए जाने वाले उपायों पर स्थानीय लोगों से चर्चा की।
उन्होंने अधिकारियों से जलग्रहण क्षेत्र के लिए एक एकीकृत परियोजना विकसित करने, मिट्टी के कटाव पर नियंत्रण, जलसंरक्षण, क्षेत्र की वनस्पति में सुधार के लिए उचित उपाय करने पर जोर दिया। उन्होंने वन विभाग को क्षेत्र की सांस्कृतिक और प्राकृतिक संपदा पर ध्यान केंद्रित करते हुए साइटों का एक नेटवर्क विकसित करने और जम्मू क्षेत्र को पारिस्थितिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए कहा।
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: बांदीपोरा में लश्कर-ए-तैयबा आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, छह मददगार गिरफ्तार
उन्होंने पुरमंडल में कैंपा के तहत स्थापित किए जा रहे वन क्लोजर का भी दौरा किया। क्षेत्र में अधिक मात्रा में स्थानीय पेड़ और फलों के पौधे लगाए जाएं। उन्होंने वीरपुर में मृदा एवं जल संरक्षण विभाग द्वारा संचालित सिसाल फार्म का दौरा किया। चटमदाना में बन रहे वाटर हार्वेस्टिंग ढांचे का भी निरीक्षण किया गया।