नृसिंह मंदिर घो मन्हासा में श्रीमद्भागवत कथा का दूसरा दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
दोमाना। नृसिंह मंदिर घो मन्हासा श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ जारी है। सोमवार को दूसरे दिन कथा वाचक महामंडलेश्वर श्रीश्री 1008 नंद किशोर दास महाराज ने भगवान के 24 अवतारों का वर्णन कर संगत को निहाल कर दिया।
उन्होंने शुकदेव जन्म, परीक्षित श्राप और अमर कथा का वर्णन करते हुए बताया कि नारद जी के कहने पर पार्वती जी ने भगवान शिव से पूछा कि उनके गले में जो मुंडमाला है वह किसकी है। भोलेनाथ ने बताया वह मुंड किसी और के नहीं बल्कि स्वयं पार्वती के हैं।
हर जन्म में पार्वती विभिन्न रूपों में शिव की पत्नी के रूप में जब भी देह त्याग करतीं तो शंकर उनके मुंड को अपने गले में धारण कर लेते। पार्वती ने हंसते हुए कहा हर जन्म में क्या मैं ही मरती रही, आप क्यों नहीं। शंकर जी ने कहा हमने अमर कथा सुन रखी है।
कथावाचक ने बताया कि भगवान की कथा विचार, वैराग्य, ज्ञान और हरि से मिलने का मार्ग बता देती है। राजा परीक्षित के कारण भागवत कथा पृथ्वी के लोगों को सुनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। समाज द्वारा बनाए गए नियम गलत हो सकते हैं किंतु भगवान के नियम ना तो गलत हो सकते हैं और नहीं बदले जा सकते हैं।
कथा से पहले 21 कुंडीय श्री लक्ष्मी नृसिंह महायज्ञ का आयोजन हुआ। वहीं, रात को जागरण किया गया।